रामपुर। राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान के नाम से 35 करोड़ रुपये की लागत से बना भवन सरकारी उदासीनता के चलते खंडहर हो रहा है। निर्माण के बाद से ही यह भवन धूल फांक रहा है। करीब डेढ़ साल पहले इस भवन में एटीएस सेंटर खोले जाने की कवायद शुरू हुई थी, लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। फिलहाल यह भवन अभी वीरान पड़ा है और परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई है।
सपा सरकार में रामपुर में अरबों रुपये के विकास कार्य हुए थे। 2013 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शहर में राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान को मंजूरी दिलाई थी। इसके बाद इस प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो गया। 35 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास वर्ष 2016 में किया गया था। राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान में प्रदेश भर के निकायों से जुड़े अधिशासी अधिकारियों का प्रशिक्षण कराकर उन्हें कार्याें में निपुण बनाने की योजना थी, लेकिन 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद यहां प्रशिक्षण केंद्र शुरू नहीं हो सका।
तभी से यह बिल्डिंग धूल फांक रही है। 2019 में इस भवन में यूपी सरकार ने गन्ना किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने की कवायद शुरू कर दी थी। इसके लिए बाकायदा तत्कालीन डीएम की ओर से प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया था। मगर, यह प्रस्ताव भी शासन में जाकर लटक गया।
करीब डेढ़ साल पहले यूपी सरकार ने इस भवन में एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) का स्पाॅट (स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम) कमांडो सेंटर स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन इस पर भी काम शुरू नहींं हो सका। निर्माण के बाद से अब तक यह भवन किसी काम में नहीं आया है। देखभाल के अभाव में अब इमारत जर्जर हो रही है। परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई है।
आजम खां ने किया था शिलान्यास
सपा नेता एवं तत्कालीन कैबिनेट मंत्री आजम खां ने निकायों के अफसरों के प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान का शिलान्यास वर्ष 2016 में किया था। हालांकि, सरकार बदलने के बाद यह योजना धरी रह गई। उसके बाद दो और प्रस्ताव तैयार किए गए, लेकिन उन पर भी अमल नहीं हो सका।
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मामला जानकारी में है। इस भवन का किस कार्य में इस्तेमाल कर सकते हैं, इसके लिए उच्चाधिकारियों से चर्चा करेंगे और जल्द ही कोई हल निकालेंगे। - जोगिंदर सिंह, डीएम