भाकियू असली अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चेताया कि प्रदेश सरकार यदि गन्ने का मूल्य 15 नवंबर तक घोषित नहीं करती है तो 16 नवंबर को किसान सड़क पर आंदोलन के लिए उतरेंगे। आरोप लगाया कि हरियाणा और पंजाब सरकार उत्तर प्रदेश से ज्यादा गन्ना मूल्य घोषित कर चुकी है।
भाकियू असली अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में एसीएम को सौंपा। बताया कि प्रदेश सरकार गन्ना मूल्य घोषित नहीं कर रही है। किसान अपने गन्ने को बिना भाव के चीनी मिलों को दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश में देश का आधा गन्ना पैदा किया जाता है। वहीं पड़ोसी पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र सरकार 380 से 420 रुपये क्विंटल तक गन्ने खरीद रही है। केंद्र सरकार चीनी का एक भाव तय करती है।
वहीं गन्ने का मूल्य देश में अलग-अलग है। यदि अन्य राज्यों की तरफ प्रदेश के किसानों को 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर मिलता तो करीब 3400 करोड़ किसानों के खातों में जा सकता था। किसानों ने 110 करोड़ क्विंटल गन्ना मिलों को सप्लाई किया था। अब पेराई का नया सत्र शुरू हो गया है, लेकिन प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से अनुरोध किया कि शीघ्र 15 नवंबर तक गन्ने का मूल्य घोषित करें। अन्यथा 16 नवंबर से किसानों को लेकर उनका संगठन सड़क पर आंदोलन के लिए उतरेगा। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन और जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन देते समय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रिषभ चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।