इसी नाले में डूबकर हुई मासूम की मौत।
- फोटो : संवाद
ठाकुरद्वारा के मोहल्ला वार्ड नौ में शनिवार को ढाई साल की मासूम बच्ची की खेलते समय पांच फीट गहरे नाले में डूबकर मौत हो गई। मोहल्ले के निवासी शकील अहमद इस समय मलयेशिया में काम करने गए हैं। वह कलपुर्जे बनाने के मिस्त्री हैं। उनकी पत्नी नगमा अपने दो बच्चों चार वर्ष के बेटे अरम और ढाई वर्ष की बच्ची शिफा के साथ रहती हैं।
परिवार में अन्य लोग भी रहते हैं। शनिवार दोपहर में परिवार के लोग सो रहे थे। तभी करीब तीन बजे मासूम शिफा अकेले ही घर से बाहर खेलने के लिए आ गई। घर से सटा हुआ पांच फीट गहरा नाला बह रहा है। खेलते-खेलते बच्ची नाले में गिर गई।
शाम करीब 4 बजे उसकी मां नगमा सो कर उठी तो बेटी शिफा को न दिखने पर उसने पहले उसकी घर में ही तलाश की। लेकिन घर में नजर न आने पर उसने शोर मचाया। जिस पर परिवार के लोगों ने आसपास के घरों में जाकर उसकी तलाश की लेकिन बच्ची का पति नहीं चला।
तभी बच्ची के दादा हाजी लल्लू को घर के पास नाले में उसका कुर्ता दिखाई दिया। जिस पर उन्होंने शोर मचाया तो बच्ची को बाहर निकाला गया। परिजन उसे लेकर एक निजी चिकित्सक के नर्सिंग होम में पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उसे देखने के बाद मृत घोषित कर दिया।
मलयेशिया में फूट फूट कर रोया पिता
ठाकुरद्वारा से हजारों किलोमीटर दूर मलयेशिया में रह रहे नगर के मोहल्ला वार्ड 9 निवासी शकील अपनी मासूम इकलौती बेटी शिखा की मौत की जानकारी मिलने पर फूट-फूट कर रोने लगे। बेटी की मौत की जानकारी मिलने पर शकील की आंखों में आंसू बहने लगे।
अपनी बेटी के जनाजे में शामिल होना चाहता था लेकिन इतनी दूर आने में असमर्थ था। इसलिए शनिवार की शाम को नमाज के बाद मासूम शिफा का शव परिजनों ने दफन कर दिया।