पूर्व मंत्री हाजी अकबर हुसैन के बेटे डॉ. नईम अकबर को हनीट्रैप में फंसाकर 15 लाख रुपये की मांग करने वाली आरोपी युवती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। कुंदरकी के जलालपुर खास गांव निवासी हाजी अकबर हुसैन बसपा सरकार में मंत्री रहे हैं।
उनके बेटे डॉ. नईम अकबर ने करीब डेढ़ माह पहले कुंदरकी थाने में एक युवती, उसके पिता व बुआ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। डॉ. नईम ने बताया था कि वह एमबीबीएस करने के बाद विभिन्न अस्पतालों में कार्य कर चुका है और वर्तमान में श्रीसत्यसाईं मेडिकल कॉलेज अम्मापेटाई, चंगलपट, तमिलनाडु से एमएस की पढ़ाई कर रहा है।
डॉ. नईम ने बताया कि पड़ोसी गांव निवासी एक युवती ने उसको प्रेमजाल में फंसाकर व्हाट्सअप पर अपने फोटो भेजने शुरू कर कर दिए थे। जब वह अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली में कार्य कर रहे थे तब युवती दिल्ली में उनसे मिली और अपने साथ घुमाने के लिए ले गई थी।
इसके बाद युवती ने उससे रुपये मांगने शुरू कर दिए थे। जब पैसे देने से मना किया तो युवती शादी करने की बात कहने लगी। डॉक्टर का आरोप है कि 30 जून को युवती ने मोबाइल पर उससे 15 लाख की मांग की, जब रुपये देने से मना किया तो झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी थी।
बाद में बातचीत के दौरान युवती के परिजनों ने भी अभद्र व्यवहार किया था। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि हनीट्रैप के मुकदमे में आरोपी युवती को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया गया है।
मुकदमे में आईपीसी की धारा 386 बढ़ाई
पुलिस ने डॉ. नईम की तहरीर पर आरोपी युवती और उसके पिता व बुआ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के विवेचक एमएस मलिक ने बताया कि विवेचना के दौरान साक्ष्य के आधार पर मुकदमे में रंगदारी मंगाने की धारा (386) बढ़ाई गई है। यह धारा गैर जमानती है, जिसमें दोषी पाए जाने पर दस साल के कारावास एवं जुर्माने का प्रावधान है।