मझोला थाने में 28 नवंबर 2014 को तत्कालीन थाना प्रभारी नीरज कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें एकता कालोनी निवासी पवन को आरोपी बनाते हुए कहा था कि उक्त आरोपी अपना गैंग बनाकर अवैध रूप से भौतिक व आर्थिक धन लाभ प्राप्त करता है। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में की गई। राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजीव त्यागी ने पक्ष रखा। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट में आरोपी पवन को दोषी करार देते हुए उसे छह साल के कठोर कारावास की सजा के साथ पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
उमरवल गांव में राजगीर मिथलेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद