मुरादाबाद। मुगलपुरा का गैंगस्टर नदीम फर्जी दस्तावेज लगाकर जेल से बाहर आया था। दस्तावेजों पर थाने और राजस्व निरीक्षक की फर्जी मुहर लगाई थी। इस मामले में आरोपी फर्जी जमानती महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी अजय कुमार ने दो फरवरी 2022 को सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें कटघर के करूला गली नंबर 8 निवासी नदीम, मूंढापांडे निवासी अमर सिंह, कटघर के गांव भैंसिया निवासी पूरन सिंह और अज्ञात पैरोकार को आरोपी बनाया गया था। जिसमें बताया गया था कि आरोपी नदीम के खिलाफ मुगलपुरा थाने में गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया था। जिसकी विवेचना कोतवाली प्रभारी अजय कुमार को सौंपी गई थी। विवेचना में सामने आया था कि आरोपी नदीम कोर्ट से जमानत लेकर जेल से बाहर आया है। जांच में उसकी जमानत में फर्जीवाड़ा सामने आया। जमानती अमर सिंह की तस्दीक मूंढापांडे थाने से कराई गई। जमानत प्रपत्र पर मौजूद हस्ताक्षर और मुहर उप निरीक्षक टीपी सिंह की थी, लेकिन इस नाम का कोई उप निरीक्षक मूंढापांडे थाने में कभी तैनात नहीं नहीं रहा है। इसके अलावा अमर सिंह हैसियत रिपोर्ट पर राजस्व निरीक्षक बाबूराम शर्मा के हस्ताक्षर थे। बाबूराम शर्मा से तस्दीक कराई तो उन्होंने अपने हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया। इसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जांच में एक और महिला का नाम सामने आया।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि गलशहीद के बेगम सराय वाली मस्जिद असालतपुरा निवासी रुखसार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी महिला गैंगस्टर के आरोपी नदीम की पैरोकारी कर रही थी। उसने फर्जी आईडी लगाकर जमानत दिलाने में मदद की थी। शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।