एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया ने कि रामपुर मिलक की रहने वाली दिव्या ने साइबर अपराध थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया कि इंस्टाग्राम के जरिए साइबर ठगों ने उसे निवेश करने के नाम पर आईडी खुलवा ली और आठ लाख 50 हजार रुपये ठग लिए हैं। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की। कॉल डिटेल और बैंक खातों की आईडी के जरिए पुलिस ने नई दिल्ली के डाबरी थाना क्षेत्र के महावीर इन्क्लेव पालम शिव शक्ति अपार्टमेंट निवासी आलोक कुमार झा, इसके साथी नई दिल्ली के करोल बाग के पटेल नगर थाना क्षेत्र के बलजीत नगर निवासी नितिन निर्माण और सोनू कुमार उर्फ मैथ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से सात मोबाइल, दो लैपटॉप और एक सिम बरामद किया है। आरोपियों ने दिल्ली में अपार्टमेंट में ही कॉल सेंटर कॉल रखा था। यहां बैठकर देश भर के लोगों को निवेश कराने के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर रकम ट्रांसफर कराते थे। इसके अलावा महादेव बेटिंग एप के जरिए भी लोगों को ठगते थे। मंगलवार शाम पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया है।
आलोक कुमार झा है गिरोह का सरगना
साइबर ठगी गिरने वाले इस गिरोह का सरगना आलोक कुमार झा है। उसके साथ नितिन निर्माण, सोनू कुमार उर्फ मैथ हैं। आलोक कुमार झा मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। एमकॉम आलोक पिछले 15 साल से नई दिल्ली में थाना डाबरी क्षेत्र के महावीर एन्क्लेव पालम शिव शक्ति अपार्टमेंट में रह रहा है। इसी अपार्टमेंट में आरोपी ने अपना कॉल सेंटर खोल रखा था।
खाते और सिम उपलब्ध कराते थे सोनू
साइबर अपराध थाने के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में आलोक झा और नितिन लोगों इंस्टाग्राम पर आईडी बनाकर लोगों को अपने साथ जोड़ते हैं और उन्हें घर बैठे कमाने का झांसा देकर उनसे रकम लगवाता है। सोनू मजदूरों के बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने का काम करते हैं। इनके साथ बिहार के औरंगाबाद निवासी विक्की और महाराष्ट्र के पूणे का रहने वाला सुरेश भी शामिल है। दोनों की तलाश में पुलिस टीम जुटी है।
साइबर ठगी की रकम से आलीशान फ्लैट और गाड़ियां खरीदीं
एसपी क्राइम ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि साइबर ठग निवेश के नाम पर ठगी करने के साथ ही महादेव बेटिंग एप का भी काम करते हैं। इससे भी मोटी रकम ऐंठ लेते हैं। आरोपी साइबर ठगी की रकम से आलीशान फ्लैट और गाड़ियां खरीद चुके हैं।
आलोक ने दो रुपये से कमाए 14 हजार, फिर बन गया साइबर अपराधी
मुरादाबाद। आलोक कुमार झांसा ने बताया कि उसने क्रिकेट विश्व कप में 2 रुपये लगाकर 14 हजार रुपये कमाए थे। इसके बाद वह धीरे धीरे इस धंधे में उतर गया। आरोपी ने महादेव बेटिंग एप की फ्रेंचाइजी ले ली थी। इसके बाद वह दूसरे लोगों को इस एप के जरिए खिलाने लगा था। उन्हें जीते हुए लोगों को दिखाकर लोगों को झांसा देता था। इसके जरिए ही लोगों से रकम लगवाकर उनसे ठगी करता था।