मुरादाबाद की एक अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को चौदह साल के सश्रम कारावास से दंडित किया है। अदालत ने उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। थाना मझोला में आठ जुलाई 2015 को पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कर पुलिस को बताया था कि उसकी बेटी पंद्रह साल की है।
सुबह करीब आठ बजे जिला संभल के बनियाठेर ग्राम थरेसा जयसिंह निवासी गुड्डू उर्फ धर्मेंद्र अपने सहयोगियों ऋषिपाल, अमरपाल, मीनाक्षी के साथ मिलकर उसको बहला-फुसलाकर ले गया। इस मामले में नाबालिग बेटी के पिता ने जब गुड्डू के घरवालों से बात की तो उन्होंने साफ कहा कि तुम्हारी बेटी हमने उठा ली है।
बेटी के अपहरण में गुड्डू की मां दुलारी और उसके घरवाले परम सिंह, सुभाष सिंह भी शामिल हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नाबालिग लड़की की तलाश शुरू कर दी। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने लड़की को आरोपी गुड्डू के साथ उसके गांव से बरामद कर लिया।
आरोपी गुड्डू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी गुड्डू के खिलाफ ही आरोप पत्र अदालत में 4 नवंबर 2015 को पेश किया। इसका मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट संख्या तीन रघुबर सिंह की अदालत में सुना गया।
विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता और अकरम खान ने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने सारी घटना अदालत के सामने बताई। घटना की पुष्टि की।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी गुड्डू उर्फ धर्मेंद्र को नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी करार देते हुए उसे चौदह साल के सश्रम कारावास की सजा के साथ उस पर साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।