मुरादाबाद। नशे में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन और दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले चार आरोपियों को अदालत ने 20-20 साल की सजा सुनाई है जबकि प्रत्येक पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मझोला थाने में 3 जनवरी 2023 को दरोगा नवीन कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने बताया था कि वह पुलिस टीम में शामिल राहुल कुमार, सचिन कुमार, दुर्गेश कुमार, और मोहम्मद असलम के जीरो प्वाइंट के पास संदिग्धों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान अमरोहा की ओर से दो बाइक पर पांच लोग आते दिखाई दिए, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने रोकने का इशारा किया तो वह बाइक मोड़ कर तेजी से भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। उनके पास से दो डिब्बे बरामद हुए, जिनमें काफी मात्रा में इंजेक्शन और दवाइयां भरी थीं, जिनकी पड़ताल के लिए ड्रग इंस्पेक्टर मुकेश जैन को बुलाया गया। जिन्होंने बताया कि ये दवाइयां और इंजेक्शन नशे के लिए इस्तेमाल होते हैं। पकड़े गए युवकों ने अपने नाम जितेंद्र पुत्र किशोर कुमार निवासी मोहल्ला कुरैशी अमरोहा, अजीम पुत्र हनीफ निवासी धीमरी, जीशान पुत्र रऊफ निवासी मियां काॅलोनी थाना मझोला, शावेज उर्फ अफरीदी पुत्र राउल हसन निवासी सहसपुर अलीनगर अमरोहा बताया। जिन्होंने बताया कि उनका पांचवां साथी असीम पुत्र छुट्टन निवासी अमरोहा था। आरोपियों ने बताया था कि वह अमरोहा से दवाइयां लाकर मुरादाबाद में बेचने के लिए देता है। पकड़े गए चारों आरोपियों और मौके से भागे असीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। चारों को जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या सात मनीष कुमार की अदालत में पेश किया गया। विशेष लोक अभियोजक वैभव अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की पकड़ से फरार हुए पांचवें आरोपी असीम पुत्र छुट्टन की पत्रावली अदालत ने अलग कर दी। शेष चारों आरोपियों के मुकदमे की सुनवाई की गई। जिसमें पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपी जितेंद्र, अजीम, शावेज, और जीशान को नशीले दवाइयां अवैध कारोबार के मामले में दोषी करार देते हुए उन्हें बीस बीस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर दो दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।