पंचायत घर में फोर्टिफाइड चावल के विषय पर आयोजित मंडलीय बैठक के दौरान संभागीय खाद्य नियंत्रक मनोज कुमार ने ये बातें कहीं। उन्होंने बताया कि चावल का फोर्टिफिकेशन इसलिए किया जाता है, ताकि आहार में पोषक तत्वों की कमीं को दूर किया जा सके। चावल का फोर्टिफिकेशन करने के लिए उसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी -12 मिश्रित किया जाता है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश्वर प्रताप सिंह ने कहा कि फोर्टिफाइड चावल खाने के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होता है। स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए सरकार ने इसे लागू किया है।
आधी आबादी को कुपोषण से मुक्त रखने और प्रभावशाली बनाने के लिए विटामिन बी -12, फोलिक एसिड और आयरन जरूरी है। स्टेट लीड पाथ से जुड़े अभिषेक शुक्ला ने बताया कि गरीबों को जो चावल सरकार मुहैया कराती है। उसे फोर्टिफाई कर पोषण युक्त चावल बनाया जाता है। 2024 तक सरकार की हर योजना के तहत मिलने वाले चावल को फोर्टिफाइड कर दिया जाएगा। चावल को फोर्टिफाइड करने के लिए सबसे पहले उसे पीसकर पाउडर बनाया जाता है। उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व विटामिन और मिनरल का मिश्रण मशीनों द्वारा मानक के अनुसार किया जाता है। राइस मिलर्स किसी भी प्रकार के कीटनाशक, सफाई करने वाले रसायन और अन्य हानिकारक पदार्थों को चावल के निकट नहीं रखते हैं। फोर्टिफाइड चावल को साफ, ठंडी और सूखे स्थान पर रखा जाता है। बैठक में संभागीय वरिष्ठ लेखाधिकारी शशिकांत राय, रामपुर जिले के खाद्य विपणन अधिकारी कौशल देव,बिजनौर के अमित द्विवेदी, अमरोहा जिले के सुभाष चंद्र मैथानी, क्षेत्रीय अधिकारी, राइस मिलर्स मौजूद थे।