मानसून की बारिश के बीच शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों के बच्चों पर फूलों की बारिश की गई। गर्मियों की छुट्टियां बीतने के बाद शुक्रवार को बच्चे स्कूल पहुंचे। यहां पर उनको तिलक लगाया गया और आरती उतारी गई। मिड डे मील में खीर और हलवा खिलाया गया। बीएसए का कहना है कि बारिश की वजह से बच्चों की उपस्थिति प्रभावित हुई है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1404 स्कूलों में करीब एक लाख 80 हजार विद्यर्थी अध्ययनरत हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार को विधिवत रूप से बच्चों के लिए स्कूल खुल गए। 21 मई के बाद से सूने हुए स्कूल शुक्रवार को बच्चों की खिलखिलाहट से गूंजने लगे। लंबे अवकाश के बाद स्कूल पहुंचने पर बच्चे उत्साहित नजर आए। स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों ने भी बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्कूलों में रंगोली सजाई गई। कुछ जगह बच्चों को चॉकलेट भी दी गई। नगर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय कटार शहीद में खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार बोस के निर्देशन में प्रधानाध्यापक राकेश कौशिक ने, कंपोजिट विद्यालय कांशीराम नगर में प्रधानाध्यापक रत्नेश बाला ने, प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर में मनीला शर्मा ने, कंपोजिट विद्यालय गंज गांधी पार्क में प्रधानाध्यापक राहुल शर्मा ने, कंपोजिट विद्यालय मझोला में अलका सिक्का ने, जूनियर हाईस्कूल मऊ में प्रतिमा कुमारी ने, प्राथमिक विद्यालय मऊ में प्रधानाध्यापक ऊषा कुमारी ने बच्चों को टीका लगाकर उनका स्वागत किया।
तीन दिन स्कूलों में चला सफाई अभियान
शिक्षकों को 25 जून व बच्चों को 28 जून से विद्यालय पहुंचने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद 25 जून से शिक्षकों ने विद्यालय पहुंचकर परिसर, कक्षाओं की साफ-सफाई करने के साथ ही व्यवस्थाएं भी दुरुस्त की थीं। 28 जून को बच्चों के स्वागत के लिए स्कूलों को विशेष रूप से सजाया गया था।
एक जुलाई से होगा विधिवत पढ़ाई का आगाज
परिषदीय स्कूलों में 28 जून से बच्चों का पहुंचना शुरू हो गया। 28 व 29 जून को स्कूलों में समर कैंप का आयोजन होगा। समर कैंप के तहत कई गतिविधियां आयोजित हाेंगी। बच्चों को पर्यावरण जागरूकता, पौधरोपण, भौगोलिक, रीति रिवाज, परंपराओं आदि की जानकारी देना, रसायनिक उर्वरकों के स्थान पर उपयुक्त कचरों का इस्तेमाल पर जोर के साथ ही मोटे अनाज के प्रति जागरूक किया जाएगा। 30 जून को रविवार होने के चलते अवकाश रहेगा। इसके बाद सोमवार एक जुलाई से पढ़ाई की विधिवत रूप से शुरुआत हो जाएगी।
- शुक्रवार को स्कूल खुलने का पहला दिन था। इसके अलावा सुबह से बारिश भी हो रही थी। शुक्रवार को मैंने कई विद्यालयों का निरीक्षण किया था। यहां पर 50 से 55 फीसदी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
डॉ. अजीत कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी