मुरादाबाद। मझोला के आठ साल पुराने सराफ सतेंद्र हत्याकांड में बुधवार को हत्यारोपी मूंढापांडे थाने के तत्कालीन प्रभारी समेत पांच पुलिस कर्मी अदालत में हाजिर हुए, जबकि केस के विवेचक भी बयान दर्ज कराने आए, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में 22 सितंबर को सुनवाई होगी।
मझोला में 27 जनवरी 2014 को मुगलपुरा के कानून गोयाल निवासी सराफ सत्येंद्र रस्तोगी की हत्या के संबंध में केस दर्ज किया गया था। जिसमें बताया गया था कि सत्येंद्र रस्तोगी की दुकान जयंतीपुर में थी। एक चोरी के मुकदमे में मूंढापांडे के तत्कालीन थाना प्रभारी सैयद मंसूर आबिद अपने हमराह कांस्टेबल महेंद्र सिंह, राहुल यादव, अमरपाल और अमित सराफ सत्येंद्र रस्तोगी को उठा कर मूंढापांडे ले आए थे। आरोप था कि पूछताछ के दौरान सराफ की मौत हो गई। जिसकी लाश को जनपद रामपुर के थाना पटवाई क्षेत्र के जंगलों में फेंक दिया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सरोज कुमार यादव की अदालत में विचाराधीन है। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीश भटनागर ने बताया कि बुधवार को मुकदमे के मुख्य आरोपी तत्कालीन थाना प्रभारी मूंढापांडे सैयद मंसूर आबिद के साथ कांस्टेबल महेंद्र सिंह, राहुल यादव अमरपाल और अमित अदालत में हाजिर हुए, साथ ही मुकदमे के विवेचक अरविंद मोहन शर्मा भी अदालत में बयान दर्ज कराने पहुंचे। अरविंद मोहन शर्मा वर्तमान में मेरठ जनपद के किठौर थाने के प्रभारी हैं। बुधवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण बयान अंकित नहीं हो सके। अदालत ने मुकदमे में गवाही के लिए 22 सितंबर लगा दी है।