मुरादाबाद। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की गणित की उत्तर पुस्तिका में पांच-पांच सौ के नोट निकले हैं, जबकि हिंदी की उत्तर पुस्तिका में पास होने के संदेश मिल रहे हैं। उप प्रधान परीक्षक का कहना है कि जिन विद्यार्थियों को अपने लिखे हुए जवाबों पर भरोसा नहीं था, उनमें ज्यादातर इस तरह की चीजें सामने आई हैं।
मुरादाबाद में छह केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य किया जा रहा था। यहां पर पांच लाख 99 हजार उत्तर पुस्तिकाएं आवंटित थीं। इनमें से अब सिर्फ आठ हजार 80 उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए शेष हैं। बुधवार को चित्रगुप्त इंटर कॉलेज और हैविट मुस्लिम इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कार्य संपन्न हो चुका है। वहीं आरएन इंटर कॉलेज में होली से पहले ही मूल्यांकन कार्य निपट गया था। एक केंद्र के उप प्रधान परीक्षक के अनुसार होली से पहले गणित की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया।
निगरानी के दौरान दो-तीन परीक्षक की गणित की उत्तर पुस्तिका में पांच-पांच सौ के नोट निकले थे। उन्होंने नोटों को धीरे से छिपा लिया था। उनका कहना है कि हिंदी विषय तक की उत्तर पुस्तिका में पास करने के लिए संदेश लिखे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा संदेश खुद के गरीब होने, पिता को कैंसर होने, कई बहनें होने और फेल होने पर पढ़ाई छूटने जैसे हैं। एक परीक्षक ने बताया कि हिंदी की उत्तर पुस्तिका में प्रदूषण और वायु जैसे शब्द तक सही नहीं लिखे गए हैं, जबकि यह शब्द प्रश्नपत्र में भी थे। उन्होंने दावा किया कि 80 फीसदी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका में बिंदी-मात्रा की गलतियां मिली हैं। हिंदी साहित्य में सिर्फ दस फीसदी ही ऐसी उत्तर पुस्तिकाएं मिलीं, जो बहुत अच्छी लिखी गई हैं।