मुरादाबाद। सावन के पहले सोमवार को शिव भक्तों के उत्साह व भगवान आशुतोष के जयकारों से महानगर शिव मय हो गया। भोर से ही शिवालय श्रद्धालुओं के जयकारों से गुंजयमान होने लगे। श्रद्धालुओं, कांवड़ियों ने भोलेनाथ की महिमा का गुणगान करते हुए जलाभिषेक किया। दो वर्ष बाद पांबदी हटने पर मंदिरों में भक्तों की भीड़ का तांता लगा रहा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे।
चौरासी घंटा मंदिर में सुबह चार बजे से ही कावंड़ियों की कतार लगी रही। पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि सुबह चार बजे से ही भक्तों के लिए कपाट खोल दिए गए थे। सुबह पांच बजे आरती की गई। सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक भक्तों ने जलाभिषेक किया। भक्तों ने बेल पत्र, मदार के पुष्प, चंदन, भांग, शमी पत्र चढ़ाकर भोले शंकर को प्रसन्न किया। चार बजे भोले शंकर को सुगंधित द्रव्यों से स्नान कराकर इत्र, गुलाब, मोगरा, सूखे मेवे, रुद्राक्ष, बेल पत्र से शृंगार किया गया। रात्रि आठ बजे आरती कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया। भीड़ से बचाव के लिए महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए।
महाकालेश्वर धाम मंदिर के मंहत आचार्य गणेशाचार्य ने बताया कि सुबह से मंदिर में भक्तों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। सुबह चार बजे से भक्तों ने मंदिर में जलाभिषेक किया। पांच बजे मंगल आरती की गई। ओम नाम महाजाप किया गया। भक्तों ने दूध, दही, शहद, गन्ने के रस, गंगाजल, गुलाब जल से भगवान शिव का अभिषेक किया। रात्रि आठ बजे आरती कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
झारखंडी मंदिर के महंत पंडित योगीराज भोलेनाथ ने बताया सुबह चार बजे से मंदिरों में भक्तों की कतारे लगनी शुरू हो गई थी। भोले बाबा के जयकारों के साथ कांवड़ियों ने जल चढ़ाया। साढ़े चार बजे आरती की गई। दोपहर तीन बजे शिव शंभू का शृंगार किया गया। शृंगार कर भोले शंकर को नई पोशाक सेे सजाया गया। वहीं उन्होंने बताया कि सावन के माह में मंदिर में दीपक जलाने का विशेष महत्व है। भक्तों ने शाम को आकर दीपक भी जलाए। रात को आठ बजे महाआरती कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के पुजारी रामकुमार उपाध्याय ने बताया कि सुबह चार बजे से भक्तों ने मंदिर में जलाभिषेक करना शुरू कर दिया था। पांच बजे आरती की गई। दोपहर दो बजे तक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। रात्रि आठ बजे महाआरती की गई। दूर-दूर से भक्त मंदिर में दर्शन करने पहुंचे।
रेलवे कॉलोनी स्थित श्री मनोकामना मंदिर के महंत पंडित हरिदत्त शास्त्री ने बताया कि आरती के बाद सुबह पांच बजे से मंदिर में जलाभिषेक किया गया। मंदिर में संकीर्तन किया गया। रात्रि आठ बजे आरती कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
रेलवे कॉलोनी स्थित श्री मनोकामना हनुमान मंदिर के पंडित हरिदत्त शर्मा ने बताया कि सुबह चार बजे से दो बजे तक मंदिर में जलाभिषेक किया गया। पांच बजे आरती की गई। भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। शाम सात बजे महाआरती कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही लाइनपार स्थित माता मंदिर, श्री राधे श्याम मंदिर में भी भक्तों ने जलाभिषेक कर शिव शंभू को प्रसन्न किया।