मुरादाबाद। डिप्टी डायरेक्टर (पंचायत) के आदेश के आठ माह बाद भी अमरोहा जिले में तैनात एक ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज न कराया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। खास बात यह है कि डीडी पंचायत इस संबंध में तीन बार रिमाइंडर भी वहां के जिला पंचायतराज अधिकारी को भेज चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी आरोपी ग्रापंअ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
शासन के निर्देश पर डीडी (पंचायत) एसके सिंह ने आठ माह पूर्व अमरोहा स्थित पंचायत उद्योग एवं सेनेटरी उत्पादन इकाई हसनपुर के बैंक खातों का परीक्षण किया था। जिसमें पाया गया कि संबंधित इकाई के व्यवस्थापक के रूप में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अवध बिहारी ने 25 मई 2019 से 18 मई 2021 के बीच अलग-अलग तिथियों में खाते से 6.16 लाख रुपये अनियमित ढंग से निकाले हैं। इस संबंध में उसका स्पष्टीकरण तलब किया गया और व्यय धन का ब्योरा मांगा गया। आरोप है कि इसके बाद भी उसने कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया। डीडी ने उसे पत्र भेज कर अभिलेख समेत अपने कार्यालय तलब किया, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं आया। जिसे गंभीरता से लेते हुए डीडी ने इस संबंध में डीपीआरओ अमरोहा को पत्र भेज कर आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करने तथा उसके विरुद्ध एफआईआर समेत विभिन्न विभागीय कार्रवाई करने के भी आदेश दिए, लेकिन आठ माह बाद भी आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।