पाकबड़ा। अवैध रूप से संचालित आयुष्मान अस्पताल के संचालक लक्ष्मण सिंह समेत छह आरोपियों के खिलाफ आखिरकार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सीएमओ के बार-बार पत्र लिखने के बाद भी पुलिस केस दर्ज करने से बच रही थी। पुलिस ने नोडल अधिकारी की तहरीर पर यह कार्रवाई की है। नोडल अधिकारी डॉ. संजीव बेलवाल ने तहरीर में बताया कि 19 अक्तूबर को उन्होंने टीम के साथ पाकबड़ा के समाथल रोड स्थित शाहजी नगर में आयुष्मान नाम से संचालित हो रहे अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल में मरीज भर्ती मिले थे। मरीजों की फाइल पर किसी विशेषज्ञ चिकित्सक के नोट्स नहीं थे। 30 अन्य मरीजों की फाइल भी मिलीं। कोरे कागज पर मरीजों के अंगूठे के निशान लिए पाए गए। अस्पताल का पंजीयन सीएमओ कार्यालय में नहीं है। जिन डॉक्टरों के नाम का प्रयोग किया जा रहा है, उनमें से कोई मौके पर मौजूद नहीं मिला। विभाग ने पाया कि मरीजों की सर्जरी किस सर्जन ने की। एनेस्थेटिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ कौन रहे, यह जानकारी अस्पताल में नहीं है। लक्ष्मण सिंह के संबंध में पाया गया कि वह कॉसमॉस अस्पताल में असिस्टेंट स्टॉफ नर्स के पद पर था। उसके पास चिकित्सक की डिग्री नहीं है। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर राजकीय सील तोड़कर अस्पताल का संचालन किया है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल की तहरीर पर अस्पताल संचालक लक्ष्मण सिंह, आकाश, रितिक, विनीता दिवाकर, बुशरा खातून और गौरव राजपूत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।