बिलारी। तहसील परिसर में कंप्यूटर कक्ष पर अपनी कृषि भूमि के मालिकाना हक संबंधी राजस्व रिकॉर्ड यानी खतौनी की नकल लेने को मंगलवार को किसानों की लंबी लाइन लगी रही। वर्तमान समय में सहकारी समितियों से यूरिया खाद लेने, फार्मर आईडी बनवाने, कृषि योजनाओं का लाभ लेने, सहकारी गन्ना समिति का सदस्य बनने आदि के लिए किसान को अपने नाम की कृषि भूमि वाली खतौनी की नकल की जरूरत पड़ती है। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में किसान खतौनी की नकल लेने तहसील कार्यालय आ रहे हैं। मंगलवार दोपहर कंप्यूटर में तकनीकी कमी आ जाने की वजह से खतौनी लेने आए किसानों को लाइन लगकर काफी देर इंतजार करना पड़ा। अब लेखपालों द्वारा नकल खतौनी जारी न करने की वजह से केवल कंप्यूटर से ही खतौनी की नकल जारी हो पाती है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बिलारी तहसील अध्यक्ष रनवीर सिंह यादव का कहना है कि तहसील प्रशासन द्वारा ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए ताकि नकल खतौनी लेने आने वाले किसानों को कोई दिक्कत न हो।