फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में धान क्रय के 55 केंद्र खुले पर किसान नहीं आए

सार

जिले में धान क्रय के लिए 55 केंद्र खोले गए लेकिन प्रभारियों के इंतजार के बावजूद किसान धान लेकर नहीं आए।पूछने पर पता चला कि किसान करीब दो सप्ताह बाद ही धान लेकर आएंगे।जिले के पास सात लाख बोरे बफर स्टॉक में मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद। जिले में धान क्रय के लिए 55 केंद्र खोले गए लेकिन प्रभारियों के इंतजार के बावजूद किसान धान लेकर नहीं आए। पूछने पर पता चला कि किसान करीब दो सप्ताह बाद ही धान लेकर आएंगे। जिला विपणन अधिकारी ने क्रय केंद्रों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
विज्ञापन

धान क्रय करने के लिए खाद्य विभाग नौ, पीसीएफ 12यीपीएसएफ दो, खाद्य निगम एक केंद्र को खोल दिया है। मुरादाबाद, भगतपुर टांडा तहसील क्षेत्र में एक -एक, मूंढापांडे में छह, कुंदरकी में 13, बिलारी और ठाकुर द्वारा में चार चार, कांठ तहसील क्षेत्र में दो केंद्र खोले गए हैं। जिला विपणन अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि उन्होंने कुंदरकी, बिलारी और मंडी समिति के क्रय केंद्र का जायजा लिया है। सभी केंद्रों पर पावर डस्टर, ई पाप मशीन, छलना, इलेक्ट्रानिक कांटा सही हालत में पाए गए हैं। मंडी समिति में जांच के के दौरान केंद्र प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि डस्टर मशीन से धान की सफाई होती है, ई पाप (प्वाइंट आफ परचेज) पर किसान अंगूठा लगाएंगे तो रसीद पर पूरा विवरण निकल आएगा।
किसानों से क्रय केंद्रों पर कामन धान समर्थन मूल्य 2040 रुपये प्रति क्विंटल, ग्रेड ए धान 2060 रुपये प्रति क्विंटल रुपये के दर से लिया जाएगा। जिले के पास सात लाख बोरे बफर स्टॉक में मौजूद हैं। किसानों की संख्या बढ़ने पर और क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अभी तक ठाकुरद्वारा के 204, कांठ के 61, मुरादाबाद के 403, बिलारी के 1102 किसानों ने क्रय केंद्र के लिए अपना पंजीयन कराया है। किसानों ने बताया है कि अभी अधिकतर धान काटे नहीं गए हैं। कटने के बाद धान को सुखाने में समय लगेगा। इसी कारण करीब दो सप्ताह बाद ही धान क्रय केंद्रों में आने की संभावना है।
विज्ञापन

क्रय पंजीयन का पोर्टल 48 घंटे से बंद
धान क्रय केंद्र पंजीयन कराने के लिए खोला गया पोर्टल बुधवार से बंद है। पता चला है कि वेबसाइट में कोई दिक्कत आ गई है। इधर पंजीयन नहीं होने के कारण मंडल के अधिकतर किसान परेशान हो गए हैं। किसानों ने इस मामले में जिले के अधिकारियों से संपर्क किया। जिला विपणन अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि इस मामले में उन्होंने लखनऊ मुख्यालय से बातचीत की है। बताया गया है कि तीन अक्तूबर को पोर्टल खोल दिया जाएगा।
मानक के आधार पर धान की होगी खरीद
जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि क्षतिग्रस्त, बंदरंग अंकुरित एवं घुने हुए पांच फीसदी, अपरिपक्व, संकुचित और सिकुड़े हुए दाने तीन फीसदी और अधोमानक प्रजाति का अपमिश्रण धान छह फीसदी और 17 फीसदी तक नमी वाले धान क्रय किए जाएंगे। नमीं की जांच के लिए (मोस्चर मीटर) मशीन केंद्रों पर उपलब्ध है।
फोर्टिफिकेशन के लिए 14 धान मिलों में लगी मशीनें
धान क्रय करने के बाद केंद्रों से धान मिलों को भेजे जाएंगे। पौष्टिक चावल तैयार करने के लिए जिले के 18 में से 14 धान मिलों ने धान की हीलिंग के लिए मशीनें लगा ली हैं। धीरे धीरे सभी मिलों में पौष्टिक धान फोर्टिफिकेशन के तहत तैयार किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें