बिलारी थाना क्षेत्र के स्योंडारा गांव में सोमवार रात छुट्टा पशुओं से फसलों की रखवाली करने गए किसान मुजीम खां (42) की मौत हो गई। परिजनों ने मुजीम की मौत को ठंड से होना बताया है। उधर, किसान की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर छुट्टा पशुओं को पकड़ने की मांग की है।
क्षेत्र के स्योंडारा गांव निवासी मुजीम खां ने 10 बीघा भूमि में आलू और गेहूं की फसल बोई है। गांव के आसपास घूम रहे छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए गांव के किसान रोजाना रात में रखवाली पर जाते हैं। सोमवार शाम को भी मुजीम खां व अन्य किसान फसल की रखवाली करने गए थे।
सोमवार रात करीब 11 बजे गांव निवासी दो किसान खेत से लौट रहे थे तो मुजीम को खेत की मेड़ पर बेसुध पड़ा देखा। आवाज लगाने और हिलाने डुलाने पर भी मुजीम खां ने कोई हरकत नहीं की, तो दोनों किसानों ने उसके परिजनों को इसकी सूचना दी।
परिजन खेत पर पहुंच गए और मुजीम को लेकर गांव के ही एक चिकित्सक के पास ले गए। परिजनों को अन्य डॉक्टर के पास ले जाने को कहा। इसे बाद परिजन उसे लेकर बिलारी स्थित एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां डॉक्टर ने मुजीम को मृत घोषित कर दिया।
निजी डॉक्टर ने मौत की वजह ठंड लगने से हृदय गति का रुकना बताया। मृतक के भाई नवील खां ने भी ठंड से ही भाई की मौत होना बताया। उधर, परिजन बिना किसी कार्रवाई के ही शव को ले गए। मुजीम खां के परिवार में पत्नी आसिफ जहां के अलावा तीन बेटियां आसिया, सोफिया व रिफा और तीन बेटे मुरसलीन, जुनैद व अजीमुस्सान हैं।
नायब तहसीलदार और लेखपाल ने मौके पर पहुंचे
स्योंडारा में किसान की मौत की सूचना पर नायब तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव व लेखपाल मेहताब आलम भी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने बताया कि किसान की मौत होने की सही वजह स्पष्ट नहीं हो पाई।
कुछ किसानों ने बताया कि उन्होंने मुजीम को खेत की मेढ़ पर पड़ा देखा था। मृतक के आश्रितों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाने और केसीसी लोन में छूट दिलाने के लिए रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।