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Moradabad News: अगवानपुर के फैजान का निकला हत्या कर फेंका गया शव

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अगवानपुर (मुरादाबाद)। फकीरपुरा पुलिस चौकी के पास हत्या कर फेंका गया शव अगवानपुर के 25 वर्षीय युवक मोहम्मद फैजान का निकला। शव का सिर नहीं मिला था। वो पांच मई की सुबह घर से बिना कुछ बताए निकला था। शुक्रवार शाम फैजान की पत्नी सिविल लाइंस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंची तो पुलिस ने मृतक के कपड़े और फोटो दिखाए। तब मृतका की पत्नी और अन्य परिजनों ने मृतक की पहचान फैजान के रूप में की।
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सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के अगवानपुर मोहल्ला कुरैशियान निवासी मोहम्मद फैजान पुत्र मोहम्मद इंतजार मजदूरी करता था। परिवार में पत्नी सायवा और चार बच्चे अरहान, फैज़, अल रिहान और बेटी अल्कमा हैं। परिजन के मुताबिक मतदान के अगले दिन 5 मई की सुबह करीब 11 बजे फैजान घर से बिना बताए कहीं चला गया था। उन्होंने दो दिन तक उसकी तलाश नहीं की। इसके बाद भी फैजान घर नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों को उसकी चिंता सताने लगी। तब उन्होंने रिश्तेदारी में फैजान की तलाश शुरू की लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। तब 14 मई को पत्नी सायवा ने पुलिस चौकी अगवानपुर में प्रार्थनापत्र दिया। तीन दिन बाद पत्नी सिविल लाइंस थाने पहुंची। उसने थाने में पुलिस को पत्नी की गुमशुदगी दर्ज करने को कहा।
पुलिस ने महिला को 7 मई के दिन फकीरपुरा पुलिस चौकी और सोनकपुर ओवरब्रिज के पास एक गहरे गड्ढे में मिले सिर कटे शव की फोटो दिखाईं। इसके अलावा महिला को मृतक के कपड़े और अन्य सामान दिखाया। पैर की बड़ी उंगली पर कटे हुए निशान से पहचान कर ली। महिला ने मृतक का शव अपने पति फैजान का होने का दावा किया। इसके बाद सिविल लाइंस और एसओजी की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस अगवानपुर फैजान के घर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस ने मृतक की पत्नी, पिता और तीन भाइयों से करीब 3 घंटे पूछताछ की। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि अगवानपुर के परिवार ने मृतक की पहचान पहचान फैजान के रूप में कराने का दावा किया। पुलिस टीम मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
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चौकी में दबा दी गुमशुदगी की तहरीर, लावारिस शव की पहचान कराने में जुटी रही पुलिस

मुरादाबाद। फैजान की गुमशुदगी दर्ज करने के बजाए अगवानपुर पुलिस ने तहरीर ही दबा ली। शुक्रवार शाम फैजान की पत्नी थाने पहुंची तो इसकी जानकारी हो पाई। कुछ ही मिनटों में सात मई की सुबह मिले शव की पहचान हो गई। अगर पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती तो चौदह मई को ही मृतक की पहचान हो सकती थी।
फैजान की पत्नी सायवा ने बताया कि पति घर नहीं लौटे तो वह 14 मई को अगवानपुर पुलिस चौकी गई थी। उसने बताया था कि उसके पति लापता हैं। उस वक्त सभी थाना प्रभारी और पुलिस चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया गया था कि लावारिस शवों की पहचान कराने में जुट जाएं। कहीं से कोई लापता हो तो तुरंत उसके बारे में जानकारी एक दूसरे से शेयर करें। बावजूद इसके अगवानपुर थाने की पुलिस ने लापरवाही बरती। फैजान के लापता होने की जानकारी थाने में भी भेजी गई। जबकि इसी क्षेत्र में उसका शव मिला था। शुक्रवार दोपहर महिला फिर से चौकी पहुंची। यहां कोई जवाब नहीं दिया तो वह थाने पहुंच गई। यहां उसने पति की गुमशुदगी दर्ज कराने को तहरीर दी। उसने ये भी बताया कि वह चौदह मई को चौकी में तहरीर देकर आई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने मृतक के कपड़े दिखाए तो महिला ने मृतक की पहचान अपने पति के रूप में कर ली। सीओ ने बताया कि 14 मई को थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई थी।




डीएनए रिपोर्ट से होगी मृतक की पहचान

सात मई को मिले शव से पोस्टमार्टम के लिए डीएनए टेस्ट के लिए नमूने सुरक्षित रखे गए थे। अब अगवानपुर के एक परिवार ने मृतक की पहचान मोहम्मद फैजान के रूप में कराने का दावा किया है। उसके माता-पिता और भाई के सैंपल डीएनए जांच के लिए निकले जाएंगे। दोनों सैंपल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। 16 मई को कुछ ही दूरी पर झाड़ियों में मिले शव के भी सैंपल लिए गए हैं। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही मृतक की पहचान हो पाएगी। इसके अलावा अगवानपुर से लेकर घटनास्थल तक की फुटेज खंगाली जा रही है। जिससे पता चल सके कि फैजान किसके साथ घटनास्थल तक पहुंचा था।

शव के पास से लौट आए थे फैजान के पिता
मृतक फैजान के लापता होने से बाद से परिजन परेशान थे। पिता इंतजार उसकी तलाश में भटक रहे थे। 16 मई को पिता उसको तलाश करते हुए सोनकपुर पुलिस चौकी के पास भी गए थे। पुल के पास गहरे गड्ढे में शव मिले पर भीड़ जमा थी। उन्होंने वहां एक शख्स से जानकारी की। उसने बताया कि गड्ढे में अधजला गर्दन कटा एक शव मिला है। शव किसी हिंदू व्यक्ति का बताया जा रहा है। इतना सुनकर पिता वापस चले गए थे।


चोरी के केस में आठ माह जेल में रहा फैजान
पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि फैजान नशे का आदी था। वह ज्यादातर समय नशे की हालत में रहता था। उसके चोरी करने की शिकायत घर तक पहुंचती थीं। मोहल्ले में रहने वाले मोहम्मद जान ने उसके खिलाफ टेंपो की बैटरी चोरी की तहरीर दी थी। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया था। 17 अप्रैल को आठ माह बाद फैजान जेल से छूटकर घर आया था।



फैजान के शव का किया गया था दाह संस्कार
फैजान की हत्या गला काटकर की गई थी। पहचान मिटाने को उसके शव को जलाने की भी कोशिश की गई थी। जबकि गर्दन सोलह मई को गर्दन हिमगिरी कॉलोनी में झाड़ियों में मिली थी। पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुस्लिम का शव होने का दावा किया गया था। तीन दिन तक मृतक की पहचान नहीं हुई तो पुलिस ने 11 मई को हिंदू रीति रिवाज के साथ शव का दाह संस्कार करा दिया था। पिता इंतजार ने बताया कि कातिलों की वजह से बेटे को दफन कफन तक नहीं मिला। मुझे इसका बेहद अफसोस है। मुझे पुलिस से उम्मीद है कि जल्द हत्या का खुलासा करके कातिलों को सलाखों के पीछे भेजेगी।


कहीं साथियों ने तो नहीं दिया वारदात अंजाम
सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी की टीम शुक्रवार को अगवानपुर में कई घंटे तक डेरा डाले रही। पुलिस ने परिजनों से हर पहलू पर बात कर हत्या का कारण तलाशने का प्रयास किया लेकिन कोई खास सुराग सामने नहीं आया। फैजान छोटी मोटी चोरी की वारदात को अंजाम दे लेता था। वह कभी जेल के अलावा तीन दिन से ज्यादा घर के बाहर नहीं रहा लेकिन इस बार वह कई दिन तक घर नहीं लौटा। उसके साथ रहने वाले कई युवक नशे आदी है। पुलिस टीम उनसे भी पूछताछ कर रही हीै।
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