मझोला थाना क्षेत्र के सेक्टर-10 स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना में शुभम शर्मा अपने परिवार के साथ ही रहता था। वह फैक्टरी में मजदूरी काम करता था। उसका छोटा भाई अमित दिल्ली में परिवार के साथ रहता है। पिता अमरेंद्र की कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। मंगलवार को मां पारुल छोटे बेटे अमित से मिलने के लिए दिल्ली गई थी। घर में शुभम अकेला था। रात करीब साढ़े आठ बजे घर से चीखने की आवाज निकली। पड़ोसियों ने आवाज सुनकर अनहोनी की आशंका जताते हुए डायल-112 को सूचना दी। इसके बाद चौकी प्रभारी अमित चौधरी मौके पर पहुंचे। चौकी प्रभारी ने बाहर से दरवाजा खटखटाया,लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंदर झांककर पुलिस ने देखा तो पंखे से शुभम की गर्दन लटकती हुई दिखाई दे रही थी। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी संजय पांचाल फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके का मुआयना करने के बाद फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट के साक्ष्य इकट्ठा किए। पुलिस की पूछताछ के दौरान मां पारुल ने बताया कि उसका बेटा बीमारी के कारण मानसिक तनाव में रहता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले ही हड्डी टूटने से मौत होने का कारण बताया गया है। इस मामले में परिवार के लोगों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
शंभू बॉर्डर पर दिनभर टकराव के बाद शाम के समय बिखरे पड़े किसान के जूते: अंशु शर्मा
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