मुरादाबाद। सर्किट हाउस में बृहस्पतिवार को औद्योगिक विकास एवं कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह के सामने निर्यातकों ने समस्याओं की झड़ी लगा दी। जर्जर सड़कोंं को लेकर प्रदूषण, हाउस टैक्स, सब्सीडी तक का मुद्दा उठाया। निर्यातकों की समस्याएं सुनने के बाद आयुक्त ने उनकी समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया।
निर्यातकों ने कहा कि पिछले दिनों प्रदूषण की जांच करने के लिए रूड़की से अभियंताओं की एक टीम आई थी। टीम ने फैक्टरियों के पानी की जांच की। इसके बाद प्रत्येक फैक्टरी पर प्रतिदिन दस दस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। उद्यमियों ने बताया कि फैक्टरियों के अंदर केमिकल का प्रयोग होता है। इस प्रकार उत्पीड़न से फैक्टरी चलाना मुश्किल हो जाएगा। प्रदूषण की एनओसी नहीं मिलने से निर्यातकों से आर्डर लेने में परेशानी हो रही है। इस समस्या का अन्य तरह से हल निकाला जाना चाहिए।
निर्यातकों ने कहा कि पहले फैक्टरियां कम थी तो फैक्टरी के अंदर आवास भी होते थे। उस समय आर-2 जोन घोषित किया गया था लेकिन अब इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया है। एक निर्यातक ने सीवर लाइन और पूरे शहर में गड्ढों के होने की समस्या उठाया। दूसरी बड़ी समस्या अग्निशमन विभाग से एनओसी लेने की बताई गई। उद्यमियों का कहना था कि अग्निशमन विभाग ने प्रत्येक फैक्टरी को 50 हजार से लेकर एक लाख लीटर पानी स्टोर करने का प्रतिबंध लगाया है। इस प्रकार पानी की बर्बादी होगी। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान करने के लिए कामन टंकी बनाकर पानी स्टोर होना चाहिए ताकि आग लगने पर अग्निशमन की गाड़ियों को दिक्कत न हो सके। एक अन्य उद्यमी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत तार जर्जर हैं। विद्युत की जबरदस्त कटौती हुई है। इससे उद्योगों को नुकसान पहुंचा है।
बैठक में मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एमडीए वीसी शैलेष सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार, येस के नेशनल जनरल सेक्रेटरी विशाल अग्रवाल, एमएसईए के अध्यक्ष नावेदउर्रहमान, संरक्षक नजमुल इस्लाम, महासचिव अवदेश अग्रवाल मौजूद रहे।