पुलिस भी मुकदमे की कर रही जांच
एसएसपी ने इस फर्जीवाड़े के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में दो भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस की जांच से पता चला कि सौ साल से नगर निगम में एसएसपी आवास की जमीन आईपीएस हाउस के नाम से दर्ज है।
आरोप है कि एसएसपी आवास की जमीन को अपनी बताकर एक व्यक्ति 16 साल तक किराया वसूलता रहा। 2019 में किराया बढ़ाने का मामला कोर्ट पहुंच गया। बाद में एसएसपी हेमराज मीना ने जमीन के रिकाॅर्ड की छानबीन कराई।
खुद को जमीन का मालिक बताने वाले का रिकाॅर्ड जब राजस्व विभाग में नहीं मिला तो एसएसपी ने किराया देना बंद कर दिया। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मुकदमे की विवेचना पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह कर रहे हैं।
एसएसपी बंगले पर 1927 से 2003 तक किसी ने अपना मालिकाना हक नहीं जताया था। 2003-04 में एक अधिवक्ता ने इस बंगले को अपना बताते हुए कोर्ट में दावा ठोक दिया। इसके बाद एसएसपी पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराये का भुगतान करने लगे थे।