मुरादाबाद। गरीब परिवारों के लिए जिला नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) की ओर से विकसित की गई आसरा आवास योजना के वाशिंदे पांच साल बाद भी पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने हर रोज सुबह शाम करीब आधा किलोमीटर दूर एक निजी मुर्गी फार्म में लगे हैंडपंप से पीने और नहाने के लिए पानी भरकर लाना पड़ता है। इसके अलावा अन्य कई तरह की मूलभूत सुविधाएं भी उन्हें मयस्सर नहीं हैं। कांठ रोड से एमडीए की सोनकपुर आवास योजना की ओर जाने वाले मार्ग से आगे भोला सिंह की मिलक गांव के निकट जिला नगरीय विकास प्राधिकरण की ओर शहरी गरीबों को आसरा योजना के तहत फ्लैट बना कर दिए हैं। इस स्थल पर 24 फ्लैट बनाए गए हैं। एक कक्ष वाले ये फ्लैट गरीबों को निशुल्क आवंटित किए गए हैं। वर्ष 2020 में डूडा ने फ्लैट तो आवंटित कर दिए लेकिन इनमें मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया। यहां इतने ही फ्लैट अभी और बनाए जाने की योजना है, जो अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी है। इन लाभार्थियों के लिए यहां पर ओवरहेड टैंक भी बनाया गया है लेकिन पांच साल बाद भी इस ओवरहेड टैंक को सुचारू नहीं किया जा सका है। जिससे यहां के लोगों को सबसे अधिक प्राथमिकता वाला पेयजल ही मुहैया नहीं है। यहां के वाशिंदे कई बार डूडा और नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कोई अधिकारी सुनने को तैयार ही नहीं है।