मुरादाबाद के अस्पताल में घायल आरोपी
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मुरादाबाद के बुद्धि विहार कॉलोनी से शनिवार शाम 6:30 बजे अगवा किए गए सात साल के वैदिक गुप्ता को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया। रविवार सुबह 6:30 बजे बिलारी क्षेत्र में पुलिस ने दोनों अपहर्ताओं को दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए अपहर्ताओं के पैर में गोली लगी है।
बिलारी थाने के दरोगा अनुज कुमार भी घायल हुए हैं। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि गिरफ्त में आने वालों में वैदिक का पड़ोसी 22 वर्षीय अंकुश शर्मा और सिविल लाइंस में नवीन नगर निवासी अंकुश का साथी शशांक मेहता उर्फ विक्की (35) हैं। दोनों कार चालक हैं।
जिला अस्पताल में भर्ती इन दोनों ने पूछताछ में बताया है कि 40 लाख रुपये की फिरौती के लिए वैदिक का अपहरण किया था। निजी टेलीकॉम कंपनी में टेक्नीशियन वैदिक के पिता नवनीत गुप्ता को फोन करके इस रकम की मांग की थी।
आर्यंस स्कूल में कक्षा दो में पढ़ने वाले वैदिक को इन दोनों ने शनिवार शाम उस समय अगवा किया था जब वह सेक्टर 9-बी में अपने घर के बाहर कॉलोनी की रोड पर साइकिल चला रहा था। सफेद रंग की वैगनआर कार से आए अंकुश और शशांक साइकिल गिराकर उसे जबरन कार में डालकर ले गए थे।
तलाश में जुटी थीं पांच टीमें
शहर की पॉश कॉलोनी में घर से कुछ दूरी पर साइकिल चला रहे सात साल के मासूम के सरेशाम अपहरण की वारदात ने पुलिस के होश उड़ा दिए थे। कांवड़ यात्रा के लिए बरती जा रही अतिरिक्त सावधानी और पुलिस की मुस्तैदी के बीच सात साल के वैदिक को कार में खींचकर ले जाने की घटना सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती थी।
जल्द से जल्द बदमाशों तक पहुंचने और बच्चे को सकुशल बचाने के लिए एसएसपी हेमराज मीना ने पांच टीमें गठित की थीं। करीब 12 घंटे में ही पुलिस को कामयाबी मिल जाने पर एसएसपी ने टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
अपहरणकर्ता ने तीन बार की थी कॉल, मांगी थी 40 लाख की फिरौती
मुरादाबाद। बच्चे अपहरण करीब एक घंटे बाद ही पिता नवनीत गुप्ता के पास अपहर्ता की पहली कॉल आई। करीब 25 सेकेंड के कॉल में आरोपी ने कहा कि बच्चा उसके कब्जे में है। पुलिस को सूचना देंगे तो बच्चे से हाथ धो बैठोगे। आगे सुबह बात करने को कहकर फोन काट दिया।
इसके बाद दोबारा कॉल करके आरोपी ने नवनीत की बात उसके बेटे से भी कराई ताकि उसे अपहरण का यकीन हो सके। इस दौरान भी आरोपी ने फिरौती के संबंध में कुछ नहीं कहा। देर रात आरोपी ने नवनीत गुप्ता के पास तीसरी बार कॉल किया और बच्चे को सकुशल वापस करने के बदले 40 लाख की फिरौती मांगी थी।