युवक की गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आठ साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
संभल जनपद के नखासा क्षेत्र के शहबाजपुरखेड़ा निवासी नईम ने 25 नवंबर 2015 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा कि उसके भाई फहीम की मोहल्ले में ही रहने वाले फैजान से दोस्ती थी। कुछ दिन पहले फैजान ने फहीम से रुपये उधार लिए थे। 23 नवंबर को फहीम ने उधार के रुपये वापस मांगे तो फैजान ने झगड़ा करना शुरू कर दिया।
आरोपी ने फहीम को भगा दिया। 24 नवंबर की रात करीब नौ बजे फहीम अपने भाई नईम के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में फैजान खड़ा मिल गया। इसके बाद आरोपी ने फहीम को देखते ही गालियां देनी शुरू कर दी थीं। इसी दौरान फौजान ने तमंचे से फहीम को गोली मार दी और मौके से भा गया था। इस घटना में फहीम लहूलुहान हो गया था। नईम के साथ मचाने पर अन्य लोग आ गए।
नईम अन्य लोगों की मदद से फहीम को घायल अवस्था में अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन सरोज कुमार यादव की अदालत में की गई। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष कुमार भटनागर ने बताया कि अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी फैजान को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए उसे आठ साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर एक लाख बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।