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मुरादाबाद में फटी ई-रिक्शे की बैटरी: अचानक हुए धमाके के बाद इलाके में हड़कंप, पांच लोग गंभीर रूप से झुलसे

Thu, 03 Aug 2023 01:09 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

सिकोई भूड़ के रहने वाले समीम ने ई रिक्शे की बैटरी को चार्ज करने के लिए लगाया था। बताया जाता है कि कुछ देर बाद ई रिक्शे की बैटरी में जोरदार धमाके हो गया। इससे आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।  
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मुरादाबाद में ई रिक्श की बैटरी फटने से झुलसी महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के सिरकोई भूड़ गांव में बृहस्पतिवार सुबह चार्जिंग के दौरान ई रिक्शा की बैटरी फट गई। जिससे महिला और उसके पांच बच्चे झुलस गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। घर में आग लगने से सामान भी जल गया। मझोला थाना क्षेत्र के सिकरोई भूड़ निवासी शमीम ई-रिक्शा चलाता है।

परिवार में पत्नी रूबी और छह बच्चे हैं। शनिवार सुबह करीब छह बजे शमीम ने ई रिक्शा से बैटरी उतार कर घर में चार्जिंग पर लगा दी थी। इसी दौरान बैटरी फट गई। जिससे घर में आग लग गई। उस वक्त घर में शमीम की पत्नी और बच्चे सो रहे थे। तेज धमाके की आवाज सुनकर शमीम के भाई नसीम व उसकी पत्नी शायबा समेत अन्य लोग आ गए।

बैटरी फटने के कारण घर में लगी आग से शमीम की पत्नी रूबी (29), उसका बेटा जुबैर (10), जावेद (7) और तीन बेटियां सनाया (5), साईना (3) और 15 दिन की बच्ची झुलस गए। एम्बुलेंस की मदद से रूबी और उसके बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया है। शमीम ने बताया कि आग लगने से उसके घर का सामान भी जल गया है।

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शौचालय में मिला वार्ड से गायब मरीज

मुरादाबाद जिला अस्पताल में स्टाफ को मरीज शौचालय में फर्श पर बेसुध हालत में पड़ा मिला। स्टाफ मरीज को काफी समय से ढूंढ रहे थे। उन्हें लग रहा था कि मरीज बिना बताए चला गया है या उसे दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। मरीज को एचआईवी आशंकित और नशे की लत से परेशान बताया जा रहा है।

वह कुछ दिन से इमरजेंसी वार्ड में बेड नंबर सात पर भर्ती है। दोपहर में एक बजे स्टाफ की आंख बचते ही यह मरीज बिना किसी को बताए अपने बिस्तर से उठकर कहीं चला गया। वहां मौजूद स्टाफ ने सोचा कि शायद वह बिना बताए बाहर निकल गया है। अस्पताल स्टाफ उसे ढूंढने में लगा रहा।

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काफी देर बाद किसी स्टाफ ने इमरजेंसी वार्ड के शौचालय का दरवाजा खोला तो वह मरीज बेसुध हालत में सामने फर्श पर पड़ा मिला। उसने पानी की टंकी खोल रखी और अपना सिर उसके नीचे कर रखा था। पानी से तरबतर होने के बावजूद वह पूरी तरह होश में नहीं था। मरीज को देखकर स्टाफ ने राहत की सांस ली।  

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