मुरादाबाद। दुष्कर्म के आरोपी ठाकुरद्वारा के एबीएम अस्पताल के संचालक शाहनवाज के बीयूएमएस डॉक्टर होने पर भी संदेह है। वह खुद को बीयूएमएस डॉक्टर बताता था। हालांंकि, स्वास्थ्य विभाग को उसकी डिग्री के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। वहीं डॉक्टरों के संगठन आईएमए व नीमा भी अपना पल्ला झाड़ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने 2019 में शाहनवाज का लाइफलाइन अस्पताल सील भी किया था। आरोपी ने 2021 में उसने फिर उन्हीं डॉक्टरों के दस्तावेज लगाकर एबीएम अस्पताल का पंजीकरण करा लिया। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कभी यह नहीं देखा कि डॉक्टर अस्पताल में बैठते हैं या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाहनवाज अपनी पत्नी को भी बीयूएमएस डॉक्टर बताता है। डिलीवरी के केस उसकी पत्नी ही देखती थी। स्वास्थ्य विभाग को उसकी डिग्री के बारे में भी जानकारी नहीं है। वहीं अब तक उन डॉक्टरों के बारे में भी जानकारी नहीं मिल पाई है जो बिना पैनल में शामिल हुए अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए आते थे। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि सारी कार्रवाई नियमों के मुताबिक की जा रही है। अभी कई बिंदुओं पर काम चल रहा है। कहीं लापरवाही नहीं बरती जाएगी।