मुरादाबाद। कोतवाली क्षेत्र के कंजरी सराय स्थित गुप्ता एंड गोयल नर्सिंग होम की संचालिका डॉ. रूचि अग्रवाल के खाते से साइबर ठग ने 4 लाख रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर लिए। उन्हें कोरियर रिटर्न के लिए ठग ने कॉल की और झांसे में लेकर खाता नंबर पूछ लिया था। इसके बाद डॉक्टर परिवार के साथ विदेश टूर पर चलीं गई थी। वहां उनके मोबाइल पर मैसेज आया तो साइबर ठगी की जानकारी हो सकी।
काजी सराय मंदिर के पास रहने वाली डॉ. रुचि अग्रवाल पत्नी विवेक गोयल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 15 दिसंबर 2023 को कपड़ों की ऑनलाइन शॉपिंग की थी। जिसमें उन्हें एक सूट पसंद नहीं आया था। तब उन्होंने सूट वापस कर दिया था। 20 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताया। जिसमें आरोपी ने कहा कि कोरियर मिस रूट हो गया है। जिस कारण कोरियर वापस नहीं पहुंच पा रहा है। कुछ तकनीकी खराबी आ गई है। इसके लिए 5 रुपये ट्रांसफर करने होंगे। आरोपी ने कुछ लिंक डॉक्टर के नंबर पर भेज दिए थे। लिंक न खुलने पर आरोपी ने डॉक्टर से उनका खाता नंबर पूछ लिया था।
24 दिसंबर को डॉ. रूचि अपने पति विवेक गोयल के साथ विदेश टूर पर चली गई थीं। विदेश में डॉक्टर के मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें एक लाख रुपये निकल जाने की जानकारी मिली। तब उन्होंने बैंक अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया और खाता फ्रिज करा दिया था। एक जनवरी को विदेश से लौटने के बाद उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की और बैंक में जाकर खाता चेक कराया। जिससे पता चला कि उनके खाते 4 लाख रुपये निकल चुके हैं। सीओ कोतवाली अपेक्षा निंबाडिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बिहार, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में ट्रांसफर की गई रकम
साइबर ठगी की शिकार हुईं डॉ. रूचि अग्रवाल की शिकायत पर साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि डॉक्टर के खाते से ये रकम बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में अलग अलग खातों में ट्रांसफर की गई है।
तीन लाख रुपये नहीं आया कोई मैसेज
डॉक्टर ने बताया कि उनके खाते से चार लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। जब वह विदेश में थी तब उनके खाते पर एक लाख रुपये किसी अन्य खाते में ट्रांसफर किए जाने का मैसेज आया था। उन्होंने बैंक जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि उनके खाते से चार लाख रुपये निकाले गए हैं। तीन लाख रुपये निकाले जाने का कोई मैसेज नहीं आया था।