मुरादाबाद। परीक्षा के नजदीक आते-आते कई विद्यार्थियों को चिंता सताने लगी है। खासकर जो पहली बार बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे, उनके मन में कई तरह के सवाल हैं। इन विद्यार्थियों को मंडलीय मनोविज्ञान अधिकारी रीना तोमर ने पॉजिटिव रहने का सुझाव दिया है। मनोविज्ञान अधिकारी का कहना है कि चिंता को सकारात्मकता से जोड़ेंगे तो ये आपको पढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। यदि आप चिंता से प्रेरित होकर नहीं पढ़ेंगे तो ये डर में बदल जाएगी। इसका दुष्प्रभाव तनाव के रूप में सामने आएगा और परीक्षा में नुकसान होने की संभावना रहेगी। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों के कई प्रश्नों के जवाब दिए हैं। संवाद
सवाल : चंदौसी निवासी कक्षा 10 के छात्र का प्रश्न है कि परीक्षा को लेकर अजीब सा डर बना हुआ है। तैयारी तो पूरी है, लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि परसेंटेज कम रह गए तो आगे क्या होगा। कृपया कोई उपाय बताएं।
सुझाव : परीक्षा को उत्सव की तरह लें
जो पढ़ा है उसे रिवाइज करें
जो आपने सीखा है उसकी ही परीक्षा है
परसेंटेज को दिमाग में रखेंगे तो तनाव रहेगा।
सवाल : मुरादाबाद के सिद्धार्थनगर निवासी कक्षा 10 वीं के छात्र का सवाल है कि दो विषयों में तैयारी जरा कम है। इसके लिए मैं अपने पढ़ने का समय बढ़ाना चाहता हूं लेकिन असफल हो रहा हूं, क्या करूं।
सुझाव : बेहद कम समय है, रणनीति से पढ़ना होगा
घंटे निर्धारित न करें, टॉपिक निर्धारित करें
जो विषय कठिन लगता है तो उसे ज्यादा समय दें ।
सवाल : रामपुर के स्वार निवासी कक्षा 12 के छात्र का प्रश्न है कि परीक्षा बेहद करीब आ गई है। जो समय शेष है उसका सदुपयोग कैसे करें, जिससे अच्छा रिवीजन हो जाए।
सुझाव : नया सब्जेक्ट या टॉपिक न पढ़ें
पिछला पढ़ा हुआ मजबूती से रिवाइज करें
लिख लिख कर याद करें
रोजाना मॉक टेस्ट लें
नया टॉपिक यदि आवश्यक है तो अपने शिक्षक से समझें।