अस्पताल में दवाइयों के बारे में जानकारी लेते डीएम अनुज सिंह
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मुरादाबाद जिले में अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन के नोडल अधिकारी के पद से डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र चौधरी को हटा दिया गया है। डीएम अनुज सिंह के हस्तक्षेप के बाद यह कार्रवाई की गई है। डीएम के पास बिना मानक चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई में भेदभाव करने की शिकायतें पहुंचीं।
इसके बाद उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि डॉ. नरेंद्र को नोडल अधिकारी पद से हटाया जाए। सीएमओ कार्यालय में सोमवार को दिनभर इसी बात की चर्चा होती रही। हालांकि सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने इस मामले में कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है।
चर्चा है कि जिले में कई अस्पताल ऐसे हैं, जिन्हें पहले सील किया गया और बाद में डील हो गई तो जिम्मेदारों ने आंखें मूंद लीं। कई अस्पताल संचालक सील न लगाने के एवज में रुपये मांगने का आरोप लगा चुके हैं। डिप्टी सीएमओ के खिलाफ किसान यूनियन व नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
इसके बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ था। अब डीएम को शिकायतें व खामियां मिलने के बाद हस्तक्षेप करना पड़ा। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई में भेदभाव के आरोप लग रहे थे। लिहाजा सीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इन्हें पद से हटाया जाए।
बिना भौतिक सत्यापन के नवीनीकरण का भी आरोप
डिप्टी सीएमओ पर यह भी आरोप लगे कि उन्होंने कई अस्पतालों के पंजीयन नवीनीकरण बिना भौतिक सत्यापन के कर दिए। ठाकुरद्वारा के एबीएम अस्पताल में रेप की घटना के कुछ दिन पहले ही पंजीयन नवीनीकरण हुआ था। जबकि अस्पताल जिन डॉक्टरों के नाम पर चल रहा था।
उनके अलावा भी कई झोलाछाप वहां मरीजों का इलाज कर रहे थे। रेप का मामला सुर्खियों में आने के बाद अस्पताल के विषय में जांच पड़ताल कर सीएमओ ने पंजीकरण निरस्त किया था। सीएमओ की ओर से नया नोडल अधिकारी अभी किसी को नियुक्त नहीं किया गया है।