हिंदू पंचांग के अनुसार दीपावली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती हैं। मान्यताओं के अनुसार माता लक्ष्मी दीपावली के दिन पृथ्वी पर आती हैं और घर-घर जाकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इसलिए दीपावली के दिन सभी लोग अपने घर में दीपक जलाते हैं और चारों तरफ रोशनी की जाती है।
ज्योतिष आचार्य पंडित अखिलेश पांडेय ने बताया कि इस साल सौभाग्य योग और स्वाति नक्षत्र में दीपावली 12 नवंबर को मनाई जाएगी। दीपावली पर लक्ष्मी पूजा के लिए स्थिर लग्न और शुभ समय का होना जरूरी है।
सौभाग्य योग में दीपावली की पूजा करने से आपके भाग्य में वृद्धि होगी और स्वाति नक्षत्र के कारण आपके सुख और सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए 2 शुभ मुहूर्त होंगे। पहला शुभ मुहूर्त शाम के समय यानी प्रदोष काल में मिलेगा, जबकि दूसरा शुभ मुहूर्त महानिशीथ काल का मुहूर्त रात्रि में होगा।
प्रदोष काल का मुहूर्त रविवार शाम पांच बजकर 33 मिनट से शाम सात बजकर 28 मिनट तक है। महानिशीथ काल का शुभ पूजा मुहूर्त रात 11 बजकर 33 मिनट से रात 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।
दीपावली पूजा-विधि
लक्ष्मी पूजा के लिए उत्तर-पूर्व दिशा के कोने को अच्छे से साफ करके वहां पर लकड़ी का पाटा बिछाएं। कुछ लोग उस जगह की दीवार को सफेद या हल्के पीले रंग से रंगते हैं। इसके लिए खड़िया या सफेद मिट्टी और गेरु का इस्तेमाल किया जाता है।
इससे पूजा स्थल की ऊर्जा में बढ़ोतरी होती है। लकड़ी का पाटा बिछाने के बाद उस पर लाल कपड़ा बिछाएं और लक्ष्मी जी, गणेश जी और कुबेर जी की स्थापना करें। ध्यान रहे कि लक्ष्मी जी की मूर्ति को श्री गणेश के दाहिने हाथ की तरफ स्थापित करना चाहिए।
मूर्ति स्थापना के बाद पूजा स्थल को फूलों से सजाएं। साथ ही पूजा के लिए कलश या लोटा उत्तर दिशा की तरफ रखें और दीपक को आग्नेय कोण, यानि दक्षिण-पूर्व की तरफ रखें। शुभ मुहूर्त में दीप प्रज्वलित कर गणेश जी गणपति को दूर्वा, चंदन, कुमकुम, मौली, लाल वस्त्र, लाल फूल, लड्डू या मोदक अर्पित करें। लक्ष्मी जी को खीर या फिर दूध से बनी सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
14 नवंबर को होगी गोवर्धन पूजा
कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 13 नवंबर दिन सोमवार को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तिथि का समापन अगले दिन 14 नवंबर, दिन मंगलवार को दोपहर 02 बजकर 36 मिनट पर होगा। उदया तिथि में गोवर्धन पूजा 14 नवंबर मंगलवार को मनाई जाएगी।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
14 नवंबर दिन मंगलवार को गोवर्धन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 43 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 52 मिनट तक है। इस दिन शोभन योग और अनुराधा नक्षत्र का अति शुभ है। शोभन योग 14 नवंबर को सुबह से दोपहर 1 बजकर 57 मिनट तक है। इसके बाद अतिगंड योग शुरू हो जाएगा। अतिगंड योग पूजा के लिए शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए गोवर्धन की पूजा सुबह के समय ही होगी।
15 नवंबर को मनेगा भाईदूज का पर्व
इस बार कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि 14 नवंबर को दोपहर 02.36 से शुरू होगी जो 15 नवंबर को दोपहर 01.47 पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार भाई दूज का पर्व 15 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन भाई को टीका सुबह 10.45 से दोपहर 12.05 तक किया जा सकता है।
भाई दूज पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर खड़ा करके रोली या फिर अष्टगंध से तिलक लगाना चाहिए। भाई दूज पर घर के प्रवेश द्वार पर चौमुखा दीया जलाने से घर में यह की कृपा व सुख-समृद्धि बनी रहती है।