मुरादाबाद। डीएम के निर्देश पर एसीएम न्यायिक ने छजलैट विकास खंड के ग्राम सुल्तानपुर फलैदा के मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी पकड़ी है। जांच में आया कि ग्राम प्रधान ने अपने पुत्र को मनरेगा मजदूर दिखाते हुए उसे भुगतान किया था। इसी प्रकार सफाईकर्मी को भी मनरेगा मजदूर बनाया गया था। डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि वह आईजीआरएस के मामले में पूछताछ कर रहे थे। इस दौरान एक शिकायत प्रकाश में आने पर एसीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता को जांच करने के निर्देश दिए। एसीएम ने जांच के दौरान ग्राम सुल्तानपुर फलैदा में मनरेगा एवं ग्राम निधि के कार्यों में अनियमितताएं पकड़ ली। उन्होंने जांच के आधार पर तत्कालीन सचिव राजकुमार वर्मा को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही तत्कालीन विकासखंड अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। जांच से पता चला कि ग्राम निधि के तहत कराए गए आठ लाख 44 हजार 649 रुपये के कार्य अधूरे पड़े हैं। ग्राम प्रधान ने अपने पुत्र को मनरेगा श्रमिक के रूप में दर्ज कर उसको 29 हजार 784 रुपये का भुगतान किया है। सफाईकर्मी सुखबीर सिंह को भी मनरेगा श्रमिक के रूप में दर्ज करते हुए उसको 5201 रुपये का भुगतान किया गया है। इस मामले में एसीएम ने सफाईकर्मी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधान ने अन्य मदों में 57 हजार 406 का भुगतान अपने पुत्र के नाम किया है। ग्राम प्रधान द्वारा की गई अनियमिताओं के चलते पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में तत्कालीन बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।