अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि संगठन लगातार कई वर्षो से अभिभावकों की समस्याओं को विभिन्न माध्यमों पर उठा रहा है। इसमें सत्र 2025-26 से न्यू एजूकेशन पॉलिसी को लागू करवाना, हर साल फीस बढ़ोतरी रोकने, प्रतिवर्ष किताबों का न बदलना भी शामिल है। अनुज गुप्ता ने कहा कि कक्षा नर्सरी से 12 तक के लिए शत प्रतिशत एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही स्कूलों में पढ़ाई करवाई जाए। जो पुस्तकें एनसीईआरटी के द्वारा नहीं छापी जाती हैं केवल वही विषय की किताबें स्कूलों द्वारा लगाई जाएं। उन्होंने कहा कि नियम है कि स्कूल हर साल लगभग 10 फीसदी फीस बढ़ा सकते है, लेकिन पिछले तीन सालो में लगभग 35 प्रतिशत फीस बढ़़ोतरी स्कूल कर चुके हैं। हर वर्ष फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाई जाए और दो-तीन सालों में एक बार बढ़ोतरी हो, जिससे अभिभावकों पर ज्यादा बोझ न पड़े। फीस बढ़ाने के लिए मानक जैसे बैलेंस शीट आदि होने चाहिए।
दोषी पाए गए स्कूलों पर कार्रवाई की मांग
अनुज अग्रवाल ने कहा कि अभिभावकों के शिकायत पत्रों पर जिलाधिकारी मुरादाबाद के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कई जांच समितियां गठित की गई थीं। जांच में सभी स्कूल दोषी पाए गए थे लेकिन किसी भी स्कूल पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई है। उन सभी जांचों का संज्ञान मंडलायुक्त मुरादाबाद द्वारा लिया गया था और बाद में मंडलायुक्त की तरफ से भी जांच करवाई थी। रिपोर्ट में उन्होंने माना था कि डीआईओएस के द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया गया। डीआईओएस के खिलाफ शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की।