मुरादाबाद। छजलैट के पंद्रह साल पुराने प्रकरण में सपा विधायक अब्दुल्ला आजम की ओर से बृहस्पतिवार को प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। जिसमें मांग की गई गवाहों से पुन: जिरह कराई जाए। अदालत ने प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद खारिज दिया। अब बहस के लिए 23 जनवरी की तारीख लगा दी है।
छजलैट थाने के सामने पुलिस ने 29 जनवरी 2008 को पूर्व मंत्री और रामपुर के पूर्व विधायक आजम खां की गाड़ी चेकिंग के लिए रुकवाई थी। जिसे लेकर विवाद बढ़ गया था। आसपास के जनपदों से सपा नेता मौके पर पहुंच गए थे। जिन पर आरोप लगा था कि उन्होंने जनता को उकसा कर सड़क जाम करते हुए बवाल किया था। आरोप है कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। इस मुकदमे की सुनवाई जिले की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि अब्दुल्ला आजम के वकील दिनेश चंद पाठक ने गवाह ओम पाल, चरन सिंह और वादी आसिफ अली से पुन: जिरह करने का प्रार्थनापत्र अदालत में प्रस्तुत किया। जिसे सुनने के बाद अदालत ने अब्दुल्ला आजम की मांग को खारिज करते हुए बहस के लिए 23 जनवरी लगा दी है।