मुरादाबाद। संभल के नखासा थाना क्षेत्र में 14 साल पहले अपने भाई शमशाद के साथ मिलकर पत्नी रानी और साैतेले बेटे की हत्या करने वाले दिलशाद ने पुलिस को कई दिन तक गुमराह किया था। हत्यारे भाइयों ने मृतका के पूर्व पति को हत्या के मामले में नामजद करा दिया था। हालांकि, पुलिस जांच में पोल खुल गई।
मामला जब कोर्ट में पहुंचा तो मृतका रानी की बेटी निशा ने अपनी मां और भाई को इन्साफ दिलाने की ठान ली थी। निशा ने अदालत में अपने साैतेले पिता और चाचा के खिलाफ गवाही दी। उसने बताया कि मेरी मां और साैतेले पिता दिलशाद के बीच अक्सर विवाद रहता था। घटना वाली रात दिलशाद और शमशाद ने मेरी मां की गर्दन काटकर हत्या कर दी थी और मेरे छोटे भाई सोनू को गला दबाकर मार डाला था। इसके बाद दोनों भाई एक कमरे में बंद होने का नाटक करने लगे थे। अदालत ने बेटी को गवाही को अहम माना और दोनों भाइयों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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रानी ने दिलशाद से की थी तीसरी शादी
रानी की शादी मो. अली से हुई थी। मो. अली से रानी के तीन बच्चे निशा, मंतशा और सोनू हुए। मो. अली की माैत के बाद रानी ने संभल के असमोली थाना क्षेत्र के नया गांव निवासी आबिद से निकाह कर लिया था। करीब पांच साल तक रानी आबिद के साथ रही। संभल के नखासा थाना क्षेत्र के फिरोजपुर निवासी दिलशाद बुकनाला में सैलून चलाता था। दिलशाद का आबिद के घर आना-जाना था। इस दौरान दिलशाद और रानी के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया तो रानी ने दिलशाद से कोर्ट मैरिज कर ली और अपने बेटे और बेटियों के साथ दिलशाद के साथ रहने लगी थी। रानी की दिलशाद से तीसरी शादी थी।