मुरादाबाद में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने माह फरवरी में रामपुर पूर्व मंत्री आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को दो-दो साल के कारावास समेत प्रत्येक पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले में आदेश के खिलाफ जनपद न्यायाधीश की अदालत में दोनों ने अलग-अलग अपील दाखिल की गई थी। सोमवार को दोनों की अपील में सुनवाई होनी थी लेकिन उनके वकील ने स्थगन प्रार्थनापत्र अदालत में प्रस्तुत किया। जिसे स्वीकर करते हुए सुनवाई के लिए 7 अप्रैल लगा दी गई है।
रामपुर के पूर्व विधायक आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को छजलैट प्रकरण में दोषी पाए जाने पर एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी ने दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई थी। दोनों को 25-25 हजार रुपये के जमानती दाखिल कर जमानत पर रिहा कर दिया गया था। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि सोमवार को आजम खां और अब्दुल्ला आज़म के वकील द्वारा स्थगन प्रार्थनापत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने सुनवाई के लिए 7 अप्रैल लगा दी है।