कुंदरकी। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से कुंदरकी ब्लॉक के खादर इलाके से गुजर रही रामगंगा और गांगन नदियों का भी जलस्तर भी बढ़ा है। वहीं जैतिया फिरोजपुर गांव के रकबे में कुछ ग्रामीणों ने गांगन नदी पर आवागमन के लिए लकड़ी का पुल बना रखा जिसकी प्रशासनिक अनुमति नहीं बताई जा रही है। गांगन नदी में जब जलस्तर ज्यादा हो जाता है तो यह पुल भी डूब जाता है। इसी पुल से फरहेदी, मंसूरपुर, जैतिया फिरोजपुर, ईंधनपुर नगला, रामपुर मेंगन, अलीरजापुर, बांहपुर, मछरिया, लाला टीकर, सुल्तानपुर, गोविंदपुर, ऊंचा गांव, जैतिया सादुल्लापुर समेत 20 गांवों के हर-रोज सैकड़ों की संख्या में लोगों का आवागमन होता है लेकिन बरसात के मौसम में इस लकड़ी के पुल से राहगीर और किसान अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर होते हैं। वहीं राहगीरों को इस पुल के सहारे मुरादाबाद और रामपुर को कम दूरी तय करके जल्दी पहुंच जाते हैं। खास बात यह है कि लकड़ी के इस पुल से बाइक समेत छोटे वाहन आसानी से गुजर जाते हैं। साथ ही नदी के पार अपने खेतों पर जाने के लिए जैतिया फिरोजपुर के किसान भी इस पुल का सहारा लेते हैं। जब यह पुल बाढ़ की स्थिति बनने पर पानी में समा जाता है तो यहां के किसानों को मुरादाबाद के कोहिनूर तिराहा और पंडित नगला से होते हुए लंबी दूरी तय करने बाद खेतों पर पहुंचना पड़ता है। वहीं कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह की पैरवी के चलते शासन स्तर से जैतिया फिरोजपुर के रकबे में ही गांगन नदी पर लकड़ी के पुल के स्थान पर स्थायी पुल के निर्माण को हरी झंडी मिल चुकी है और बरसात के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।