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गैंगरेप करने वाले दो युवकों को बीस- बीस साल की कैद

Sat, 20 Aug 2016 01:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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अपराध - फोटो : demo
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गैंगरेप के करीब दो साल पुराने मामले में अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देेते हुए दोनों को 20- 20 वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। गैंगरेप में अब तक की जिले की यह सबसे अधिक सजा है। निर्भया कांड के बाद कानून में हुए संशोधन के तहत अदालत ने यह सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं जमा करने पर दोनों को एक - एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। 
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प्रभारी संयुक्त निदेश अभियोजन मुकेश चतुर्वेदी ने बताया कि भगतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म की यह घटना पांच नवंबर 2014 को हुई थी। गांव की एक युवती घटना के वक्त खेत पर गई थी। जंगल में मिले नईम पुत्र हनीफ और शराफत अली पुत्र अहमद निवासी सीतापुर बहेड़ी (भगतपुर) ने युवती को गन प्वाइंट पर कब्जे में ले लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

ग्रामीणों को युवती खेत में बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। होश आने पर युवती ने परिजनों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद युवती के पिता ने भगतपुर थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई एफटीसी - सेकेंड मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष एडीजीसी विनोद कुमार सिंह ने रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने अभियुक्त नईम और शराफत को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को दोनों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित करने का आदेश दिया। निर्भया कांड के बाद हुए कानून संशोधन के बाद अब गैंगरेप में न्यूनतम सजा 20 वर्ष और अधिकतम सजा उम्रकैद हो गई है।
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पीड़िता के कपड़ों ने निभाया अहम रोल
मुरादाबाद (ब्यूरो)। एडीजीसी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घटना के वक्त युवती ने जो कपड़े पहने थे उन्हें जांच के लिए भेजा गया था। इन कपड़ों पर रक्त और अभियुक्तों का सीमेन मिला था। फारेंसिक लैब की रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया गया था। इस रिपोर्ट ने अभियुक्तों को सजा दिलाने में अहम रोल निभाया।

युवती के अपहरण में साढ़े चार साल कैद
मुरादाबाद (ब्यूरो)। एक युवती के अपहरण के मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए साढ़े चार साल कैद और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। प्रभारी संयुक्त निदेशक अभियोजन मुकेश चतुर्वेदी ने बताया कि अभियुक्त धर्मप्रीत ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से एक युवती का अपहरण किया था। मामले की सुनवाई एफटीसी- प्रथम की अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने धर्मप्रीत को दोषी करार दिया।
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