ट्रेन को अपनी प्राइवेट प्रापर्टी समझने वाला टीटीई सर्वेश कुमार सिंह गुरुवार को चेकिंग स्क्वाड के हत्थे चढ़ गया। टीटीई ने सौ-सौ रुपये लेकर 70 सीटें बिना रिजर्वेशन वाले यात्रियों को बेच रखीं थीं। स्क्वाड ने जब चेकिंग की तो खेल पकड़ में आया। सीनियर डीसीएम ने टीटीई को निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है।
रेलवे टिकट चेकिंग को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। जिसके चलते ट्रेनों में टिकट चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। गुरुवार को सीनियर डीसीएम पुष्प राज के नेतृत्व में आला हजरत एक्सप्रेस चेक कराई गई। रक्षाबंधन के कारण ट्रेन में भीड़ भी जबरदस्त थी। टिकट चेकिंग के दौरान बिना टिकट वालाें की तुलना में अनियमित यात्री (जनरल की टिकट पर रिजर्वेशन में यात्रा करने वाले) अधिक पकड़े गए।
स्लीपर कोच में अधिकांश यात्री जनरल की टिकट पर आराम से सीट बैठे हुए मिल रहे थे। टिकट चेक रहे स्क्वाड ने उसे जुर्माना और अतिरिक्त किराया मांगा तो बहस करने लगे। जब उनसे पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि सीट टीटीई ने दी और उनसे बदले में रुपये लिए हैं। दो अलग अलग कोच में जब पूरा रिकार्ड मिलाया गया तो एक ही टीटीई ने 70 सीटें यात्रियों को बेच रखीं थी।
जबकि एक कोच में 73 और दो कोच में 144 सीटें होती हैं। टीटीई पूरी ट्रेन को अपनी मर्जी से चला रहा था। सीनियर डीसीएम को जब रिपोर्ट दी गई तो उन्होंने तुरंत टीटीई सर्वेश कुमार सिंह को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच शुरू करा दी है।
दो कोच दिल्ली तक जाते हैं खाली
मुरदाबाद। आला हजरत एक्सप्रेस बरेली से भुज तक जाती है। ट्रेन में दो स्लीपर कोच दिल्ली से बुक होते हैं। जिसके चलते इन कोच में बरेली से दिल्ली के बीच रिजर्वेशन नहीं होता। रक्षाबंधन होने के कारण भीड़ भी अधिक थी। जनरल में सीट नहीं मिलने पर यात्री उसमें चढ़ गए और टीटीई ने रुपये लेकर उन्हें दिल्ली तक बैठने की जगह दे दी।
सौ सौ रुपये में बेची सीट
मुरादाबाद। जितनी भी सीटें बेची गई वे सभी बरेली से दिल्ली के बीच बेची गई थीं। टीटीई ने जनरल टिकट लेकर आने वाले यात्रियों से 100-100 रुपये लेकर सीट बेची थी। रक्षाबंधन पर भीड़ के कारण लोगों ने परेशानी से बचने के लिए तुरंत रुपये भी दे दिए।
सीटें बेंचने पर पहले भी हटाया जा चुका है
मुरादाबाद। टीटीई सर्वेश कुमार सिंह पहली बार सीट बेचने के आरोप में नहीं फंसा। इससे पहले भी उस पर सीट बेचने के आरोप लग चुके हैं। जिसके चलते उसे ट्रेन ड्यूटी से हटाकर स्टेशन ड्यूटी पर लगाया गया था। कई साल स्टेशन ड्यूटी करने के बाद उसे ट्रेन ड्यूटी वापस मिली तो अपनी पुरानी हरकतों से बाज नहीं आया। इस बार सीट बेचते हुए पकड़ा भी गया।
इस बार बचना होगा मुश्किल
मुरादाबाद। टिकट बेचने के मामले में इस बार सीनियर डीसीएम के सामने ही पूरा प्रकरण हुआ है। सीट लेने वाले यात्रियों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। उसके खिलाफ रेलवे के नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उसे ट्रेन ड्यूटी से हटाने के साथ ही चार्जशीट जारी कर जवाब तलब किया गया है। जवाब आने के बाद उसके खिलाफ एक्शन होगा।
डेढ़ लाख से अधिक वसूले
मुरादाबाद। सीनियर डीसीएम के निर्देशन में गुरुवार को मुरादाबाद से दिल्ली तक आला हजरत एक्सप्रेस चेक कराई गई। इसके बाद वापसी में स्क्वाड ने सप्तक्रांति एक्सप्रेस को चेक किया। दोनों ट्रेनों में कुल मिलाकर 254 केस बने। आला हजरत एक्सप्रेस में बिना टिकट और अनियमित यात्रियों से 79,930 रुपये और सप्तक्रांति एक्सप्रेस में 87,300 रुपये वसूले गए। कुल मिलाकर दोनों ट्रेनों से एक लाख 67 हजार 230 रुपये की की आय हुई।