पकड़े गए छात्र से पूछताछ करते एसएसपी।
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मझोला के कांशीराम नगर से शिक्षक के घर में न तो लूटपाट हुई थी और ना ही उनके बेटे का अपहरण किया गया था, बल्कि शिक्षक के बेटे ने ही डांसर बनने के लिए लूट सारा ड्रामा रचा था। पुलिस ने उसे ग्वालियर से बरामद कर पूरी घटना का खुलासा कर दिया।
नकदी और जेवर लेकर वह डांसर बनने के लिए मुंबई पहुंच गया था। जब वह डांसर बनने में सफल नहीं हुआ तो ग्वालियर पहुंच गया और वहां उसने कॉस्मेटिक्स की दुकान खोल ली। उसे राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।
एसएसपी डीसी दुबे ने बुधवार दोपहर इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर की रात कांशीराम नगर निवासी शिक्षक अपनी पत्नी और बेटे और बेटी को साथ लेकर रिश्तेदार के घर गए थे। करीब एक घंटे बाद शिक्षक घर लौटे तो उनका बड़ा बेटा गायब था। जबकि घर से तीन लाख रुपये और सोने चांदी के जेवर भी गायब थे।
इस घटना से हड़कंप मच गया था। मझोला पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मंगलवार को उसे ग्वालियर से बरेली जाते समय हाईवे पर जीरो प्वाइंट के पास पकड़ लिया। छात्र ने बताया कि उसे अगवा नहीं किया गया था। वह डांसर बनने के लिए मुंबई गया था।
लेकिन वहां उससे 80 हजार रुपये एडमिशन के मांगे गए। तब कुछ लोगों ने उसे सलाह दी थी कि ग्वालियर में कई डांस इंस्टीट्यूट हैं। वहां आसानी से एडमिशन मिल जाता है। इसके बाद वह आगरा चला गया था। कुछ दिन यहां रुकने के बाद ग्वालियर चला गया।
लेकिन यहां भी वह डांसर नहीं बन पाया। तब उसने कॉस्मेटिक्स के सामान की दुकान खोल ली थी। मंगलवार को वह बरेली से सामान लेकर ग्वालियर जा रहा था। तब पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे राजकीय संप्रेक्षण गृह भेज दिया।