पदमावत एक्सप्रेस के एस- वन कोच में लुटेरे वेंडर बनकर घुसे थे। वेंडर बनकर घुसे इन बदमाशों ने महज दस मिनट में पूरा कोच लूट लिया। कोच में सवार जैकेट व्यापारी समेत 20 से अधिक यात्रियों को लुटेरों ने तमंचा और चाकू लगाकर लूट लिया। लूटपाट करने के बाद लुटेरे बेहद आसानी से खिसक गए।
लुटेपिटे लोगों ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी लेकिन जीआरपी ने लुटेरों की तलाश करने के बजाए घटना पर पर्दा डालने में पूरी ताकत झोंक दी। चौबीस घंटे तक जीआरपी ने अपने अफसरों को भी घटना की भनक नहीं लगने दी।
लुटेरों का शिकार बने यात्रियों में से एक नौगावां सादात के जैकेट व्यापारी आरिफ ने बताया कि लुटेरों ने वेंडर की ड्रेस पहनी हुई थी और उनके मुंह पर रुमाल बंधे था। मुरादाबाद में आउटर पर ट्रेन रुकी ही थी कि तभी लुटेरे एस - वन कोच में घुस आए और उन्होंने लूटपाट शुरू कर दी।
आरिफ ने बताया कि शुरू में केवल एक बदमाश कोच में चढ़ा था। उसने वेंडर वाली खाकी रंग की जैकेट पहनी हुई थी। इस बदमाश ने कोच का जायजा लिया। इसके दो मिनट बाद ही उसके दो अन्य साथी भी कोच में घुस आए। उन दोनों ने भी वेंडर की ड्रेस पहन रखी थी।
लेकिन तीनों की नेम प्लेट उल्टी लगी थीं और तीनों के ही मुंह पर रुमाल बंधा था। चेहरे पर रुमाल बंधा होने की वजह से यात्रियों को कुछ शक तो हुआ। लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता बदमाशों ने तमंचे और चाकू निकाल लिए।
लुटेरों ने कोच में सवार यात्रियों को विरोध करने और शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी और एक - एक कर यात्रियों को लूटना शुरू कर दिया। कोच में सवार यात्रियों के जेवर भी लुटेरों ने लूट लिए।