जिस मां ने बेटे को पिता के कत्ल से बचाया। उसी बेटे ने मां को भी मौत के घाट उतार दिया। दो साल पहले जावेद ने शराब के लिए रुपये न देने पर अपने पिता की भी चाकू मारकर मौत कर हत्या कर दी थी। परिवार के लोगों ने इस घटना को दबा लिया था और पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी थी।
मां ने अपनी ममता का हवाला देते हुए दूसरे बेटों को भी शांत ही रहने को कहा था। लेकिन जावेद के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं किया। रुपयों के लिए आये दिन घर में मारपीट करना उसकी आम बात हो चुकी थी।
सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक में सारदा खातून(65) पत्नी आले हसन का परिवार रहता है। सारदा खातून के छह बेटे जैनुल हसन, नूर हसन, रियाजुल हसन, आबिद हसन, जावेद उर्फ भूरा और जुल्फेकार हसन और चार बेटियां है।
सारदा खातून के बेटे रियाजुल हसन ने बताया कि जावेद उर्फ भूरा(25) शराब, चरस और स्मैक का आदी है। इसके अलावा वह जुआ भी खेलता है। गुरुवार की रात वह जुआ खेलने और शराब केलिए मां से रुपये मांग रहा था। रुपये नहीं दिए तो उसने घर में मारपीट शुरू कर दी।
इसके बाद उसने मां के पेट में चाकू मार दिया। जिसमें उसकी मौत हो गई। रियाजुल हसन ने बताया करीब दो साल पहले जावेद उर्फ भूरा ने पिता की भी चाकू मारकर हत्या कर दी थी। तब मां ने ही उसे बचा लिया था।
अब परिवार के लोगों को अफसोस हो रहा है कि इस कातिल को उस वक्त न बचाया होता तो शायद आज उनकी मां उनके पास होती। अब हर कोई मां-बाप के कातिल बेटे को कोस रहा है।