कमल चौहान की मौत से उसका परिवार सदमे में है। इकलौते बेटे की मौत से बूढ़े मां-बाप तो टूट ही गए। पत्नी और बच्चों को भी संभालना मुश्किल हो रहा है। बेटे को खोने वाले पिता वेद प्रकाश चौहान और चाचा सुरेंद्र सिंह का कहना है कि अगर कमल उनसे संपर्क कर लेता तो उसे समझाकर इस आत्मघाती कदम उठाने से रोका जा सकता था।
लेकिन उसका फोन लगातार स्विच ऑफ जाता रहा। उससे फोन पर संपर्क करने की लाख कोशिश की गई। लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। शुक्रवार को कमल के पिता वेद प्रकाश चौहान और संतोष चौहान अपने पैतृक गांव पदारसपुर चले गए थे। वहां कमल की चचेरी बहन की शादी थी।
जबकि कमल अपनी पत्नी सुनीता और दोनों बेटों को लेकर पुलक की शादी में ड्राइव इन 24 में गया था। पिता ने बताया कि शुक्रवार देर रात पता चला था कि शादी समारोह में गोली लगने से दुल्हन के भाई की मौत हो गई है। उसमें कमल चौहान का नाम आ रहा है। तब से परिजन कमल से संपर्क करने में जुटे थे। लेकिन उससे संपर्क नहीं हुआ।
अगर कमल से बात हो जाती तो उसे समझाकर बचाया जा सकता था। चाचा ने बताया कि दिल्ली रोड पर उसे गोली मार दी थी। जिससे उबरने में उसे चार माह का समय चल गया था। मुरादाबाद से लेकर दिल्ली तक उसका इलाज किया गया। तब जाकर वह ठीक हो गया था। लेकिन उस वक्त तो उसे बचा लिया था। अब वह हमें छोड़कर दूर चला गया।