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रामपुर: शादी की जिद करने पर पूर्व मंगेतर ने की थी प्रेमिका की हत्या, 27 दिन बाद पुलिस ने किया खुलासा

Tue, 27 Nov 2018 07:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
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पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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एक नवंबर से लापता युवती पायल की हत्या कर उसके शव के तीन टुकड़े किए और उनको फार्म हाउस के पास गड्ढे में दबा दिया गया। पुलिस ने लाश के सड़े गले तीन टुकड़े बरामद करने के बाद पूरी घटना का खुलासा किया कि युवती की हत्या उसके पूर्व मंगेतर जहांगीर ने शादी की जिद करने पर अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। जहांगीर और उसके साथियों पर दर्ज अपहरण के मामले को हत्या के आरोप में तरमीम कर दिया गया है।
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गंज थाना क्षेत्र से  हमाम वाली  गली निवासी युवती जैनब उर्फ पायल (22) एक नवंबर से लापता थी। उसके भाई राहिल ने गंज थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राहिल ने आरोप लगाया था कि पायल का रिश्ता मोहल्ला कुंडा निवासी जहांगीर के साथ तय हुआ था, लेकिन बाद में रिश्ता टूट गया था। एक नवंबर को पायल सहेली के यहां जाने की बात कहकर घर से गई थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी थी।

राहिल की तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले में जहांगीर और इमरोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने इमरोज को गिरफ्तार कर जेल भी दिया था, जबकि जहांगीर ने एक अन्य पुराने मामले में अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इधर, पुलिस ने पायल के अपहरण के मामले में तफ्तीश करते हुए कई लोगों का नाम खोला।
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पुलिस ने जहांगीर को शनिवार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पायल की हत्या कर शव को जमीन में दबा देने की बात कही। पुलिस ने कोसी पुल के पास जंगल से पायल के शव के तीन टुकड़े बरामद किए। टुकड़ों में मिला शव काफी सड़ गल गया था।

तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। साथ डीएनए टेस्ट की भी कार्रवाई की गई। जिससे पुष्टि हो सके कि शव पायल का ही है। एसपी शिव हरि मीना ने बताया कि इस मामले में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।  

पोस्टमार्टम बाद में, पहले आरोपियों के नाम बढ़ाओ

पायल के शव के तीन टुकड़े पुलिस ने कब्जे में लेकर एक बोरे में भरवा दिए थे। उसके बाद उनको पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था। मंगलवार सुबह को परिवार के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए थे। जिसके बाद उन लोगों ने पायल का पोस्टमार्टम कराने से इंकार दिया था। जिसके बाद पुलिस के होश उड़ गए थे।

इस मामले में पुलिस ने निसार, ताहिर, दानिश, इमरोज और जहांगीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। लेकिन परिवार के लोग इसमें में जाहिद का नाम बढ़ाने की बात कह रहे थे, लेकिन पुलिस विवेचना के  दौरान नाम खोलने की बात कह रही थी। इसी  को लेकर विवाद हो गया था।

बाद में अधिकारियों के आदेश पर जब नाम खोलने का आश्वासन दिया। उसके बाद पोस्टमार्टम हो सका। इस दौरान अस्पताल में काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा था। बवाल की आशंका में पुलिस तैनात रही। 
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पुलिस को गुमराह कर रहा था जहांगीर

एसपी ने बताया कि रिमांड पर लेने के बाद जहांगीर पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा था। उसने पहले अजमेर के आसपास पायल के शव को दबाने  की बात कही थी। जिसके बाद पुलिस वहां पर पहुंच गई थी। लेकिन पूरे दिन तलाशने के बाद वहां पर कुछ नहीं मिला। पुलिस लौट आई थी। पुलिस ने बाद में सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी हकीकत बया कर दी। बाद में उसका शव बरामद कर लिया।
 
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