नकली नोटों के तस्करों को नोटों की छपाई के लिए असली नोट में यूज किया जाने वाला विशेष श्रेणी का कागज नहीं मिल रहा है। आरोपियों के पास नोटों में इस्तेमाल होने वाला तार भी नहीं है। इस वजह से वह असली नोटों को स्कैन कर नकली नोट तैयार कर रहे हैं। असली नोटों की फोटोकॉपी को ही वह मार्केट में धड़ल्ले से चला रहे हैं।
तस्कर फैसल को गिरफ्तार करने वाले गाजियाबाद पुलिस की टीम को लीड कर रहे एसआई माहिर ने बताया कि आरोपियों से बरामद नकली नोटाें में तार नहीं लगे हैं। आरोपियों से दो दो हजार के 65 नोट (एक लाख तीस हजार) बरामद हुए हैं।
यह नोट असली नोटों की फोटोकॉपी है, जिन्हें स्कैन कर साधारण कागज पर ही तैयार किया गया है। फैसल ने बताया कि जाकिर को यह नकली नोट नेपाल का गैंग मुहैया कराता था। इसके बाद वह लोग इन नोटों को टुकड़ों में मार्केट में चला देते थे।
उन्होंने बताया कि नकली नोटों की पहचान करना बहुत आसान है। इस नोट को हाथ में आने पर जरा सा गौर करने पर ही पता चल जाएगा कि नोट में तार नहीं है, इसके अलावा नोट का कागज भी साधारण कागज की तरह है जो नकली नोट की पोल खोल देता है।