रेलवे स्टेशन के बाहर संचालित रेलवे टिकट घरों में यात्रियों के साथ मनमानी की जा रही है। यहां यात्रियों से अतिरिक्त चार्ज के अलावा भी दो से तीन रुपया अधिक लिया जा रहा है।
रेलवे स्टेशन के बाहर संचालित रेलवे टिकट घरों पर एक रुपया अतिरिक्त चार्ज के अलावा भी पैसे की वसूली की जा रही है। इन टिकट घरों के काउंटर पर बैठे कर्मचारी टिकट पर चार्ज समेत प्रिंट किराये से दो- तीन रुपये तक अधिक ले रहे हैं। टिकट पर प्रिंट किराया से अधिक लिये जाने पर यात्रियों से कहा जाता है कि टिकट के दाम बढ़ गये हैं। लोग जल्दी और दो-तीन रुपये के चक्कर में विरोध नहीं करते। ऐसे में इन टिकट घरों के संचालकों के हौसले बढ़ गये हैं।
केस एक
मैंने रामपुर के लिए टिकट लिया है। टिकट में अतिरिक्त चार्ज 1 रुपया समेत बीस रुपया प्रिंट है। लेकिन काउंटर पर मुझसे 24 रुपये लिये गये। जब मैंने अधिक रुपये लेने का कारण पूछा तो मुझे बताया गया कि टिकट के रेट बढ़ गये हैं। बढ़े रेट अभी टिकट पर प्रिंट नहीं हो रहे हैं। मैं जल्दी में हूं इसलिए बहस नहीं की। सुभाष, रामपुर
केस दो
मुझे गोरखपुर जाना है। रेलवे स्टेशन के काउंटर पर बहुत भीड़ है इसलिए बाहर से टिकट लिया है। यहां से टिकट लेने पर प्रिंट किराये से तीन रुपया अधिक लिया है। टिकट पर 190 रुपया लिखा है जबकि मुझसे एक सौ तीरानवे रुपये लिये। मुझे ट्रेन पकड़नी है इसलिए मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। परवेश, गोरखपुर
केस तीन
सुल्तानपुर के लिए टिकट लिया है। टिकट 160 रुपये का है। काउंटर पर दो रुपया अधिक ले लिया है। बाकी पैसे मांगने पर काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने कहा कि उसके पास खुले पैसे नहीं हैं। मुझे जल्दी है दो रुपये के लिए मैं झगड़ा नहीं कर सकता। विवेक कुमार वर्मा, सुल्तानपुर
केस चार
स्टेशन से बाहर के टिकट घरों में एक रुपया ज्यादा किराया लिया जाता है। लेकिन यहां दो रुपये अधिक ले लिये। मुझे रुड़की जाना है। टिकट पर 35 रुपया प्रिंट है लेकिन काउंटर पर 37 रुपये ले लिये। वापस मांगने कहा गया कि किराया बढ़ गया है। मेरे पास उनसे बहस करने का समय नहीं है। रोशन शर्मा, रुड़की