पाकबड़ा थानाक्षेत्र के गुरैठा गांव में पिता की 12वीं बरसी में आए सिपाही ने पत्नी से झगड़ा होने पर खुद को तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की प्रत्यक्षदर्शी खुद उसकी पत्नी है, जिसके सामने सिपाही ने आत्मघाती कदम उठाया है। मौत के बाद परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने घटनास्थल से तमंचा बरामद कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शाहजहांपुर में तैनात सिपाही सुरेंद्र सिंह (33) का गुरैठा में परिवार रहता है। इन दिनों उनकी ड्यूटी शाहजहांपुर में सदर बाजार थानाक्षेत्र में डायल 100 पीआरवी पर थी। छह साल पहले ही सुरेंद्र की शादी अमरोहा के मंडी धनौरा स्थित कुरला गांव में रहने वाली प्राची से हुई थी।
सिपाही की तीन साल की बेटी याशी है। परिजनों ने बताया कि प्राची अपने पति के साथ शाहजहांपुर में रहना चाहती थी लेकिन सुरेंद्र चाहता था कि पत्नी गांव में ही रहे। इस बात का लेकर पति - पत्नी के बीच विवाद होता था, छह माह पहले ही प्राची अपनी बेटी याशी को साथ लेकर मायके चली गई थी। सोमवार को सरेंद्र के पिता रणधीर सिंह की 12वीं बरसी होने के कारण सुरेंद्र शाहजहांपुर से लौटा था।
उनके बड़े भाई अजय भी मेरठ के बैसुमा थाने में एसओ हैं। बडे़ भाई के कहने पर सुरेंद्र अपनी पत्नी प्राची को सोमवार को मायके से घर लेकर आया था। घर में बरसी का कार्यक्रम चल रहा था। मेहमान भी इकट्ठा हुए थे। सुरेंद्र सिंह और उसकी पत्नी प्राची पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में थे। दोनों के बीच फिर से साथ रहने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
प्राची ने परिवार वालों को बताया कि दोपहर दो बजे सुरेंद्र अपने कपड़े पैक करने लगे। इस दौरान दोबारा कहासुनी हुई तो प्राची के सामने ही सिपाही ने तमंचा निकालकर खुद के सीने में गोली मार ली। यह देख प्राची सन्न रह गई, गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार वाले कमरे में पहुंचे और लहूलुहान सुरेंद्र को दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि मौके से तमंचा बरामद हुआ है। परिजनों ने पारिवारिक विवाद में सिपाही को आत्महत्या करना बताया है, देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। हालांकि सिपाही के शव के पास मिले तमंचे के संबंध में जानकारी कर आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया जाएगा।