दस हजार के लालच में सारे एहसानों को दरकिनार करते हुए एक युवक अपने दोस्त के बेटे को अगवा कर लिया। उसने गाजियाबाद में एक दंपति को बच्चे का सौदा कर दिया था। लेकिन उसके जमीर ने उसे धिक्कारा तो खुद ही बच्चे को वापस लेकर आ गया। वह बच्चे को घर के पास छोड़कर भागने की फिराक में था। इसी बीच उसे लोगों ने घेरकर दबोच लिया। उसकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के अगवानपुर निवासी रमजानी गाजियाबाद में पुताई का कार्य करने गया था। वहीं उनकी जान पहचान भोला उर्फ रवींद्र पुत्र सत्यदेव निवासी अंबेडकरनगर जनपद आजमगढ़ से हो गई थी। भोला ने रमजानी के सास लंबे समय तक पुताई की थी। जब गाजियाबाद में काम पूरा होने पर रमजानी अगवानपुर आ गया। उसके साथ भोला को भी आया था। अपने घर पर रखा और उसे काम भी दिलवाया।
गुरुवार को भोला रमजानी के डेढ़ साल के बेटे जुनैद को लेकर गायब हो गया। इसे परिवार में कोहराम मच गया। रमजानी को भोला का सही पता भी मालूम नहीं था। पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई तबज्जो नहीं द्री। खुद ही पूरा परिवार बच्चे की तलाश में जुट गया था।
गाजियाबाद में अपने परिचितों को फोन पर सूचना दी। वहां पर भी बच्चे का अपहरण हो जाने की बात फैल गई। इसी दौरान शुक्रवार को दोपहर भोला डेढ़ साल के जुनैद को खुद अगवानपुर वापस ले आया। लोगों ने उसे पकड़ कर जमकर पीटा। खबर मिलने पर पुलिस पहुंच गई और भोला को अपने साथ ले गई।
गाजियाबाद के नि:संतान दंपति को किया था दस हजार का सौदा
भोला ने बताया कि दस हजार के लालच में उसने मासूम को अगवाकर कर लिया था। वह बच्चे को गाजियाबाद ले भी गया था। उसने पहले ही वहां बच्चे का सौदा नि:संतान दंपति से दस हजार में कर रखा था। लेकिन गाजियाबाद में उसके जमीर ने उसे धिक्कारा तो वह खुद बालक को वापस ले आया। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। कार्रवाई की जाएगी। इधर बच्चे के परिजन भी बच्चा वापस मिलने के बाद से खामोश है।