मूंढापांडे थाना क्षेत्र के गांव वीरपुर वरियार उर्फ खरग के 11 वर्षीय बालक समीर की हत्या उसके भाई-भाभी ने ही जायदाद के लिए की थी। शनिवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि समीर के सौतेले भाई ने जायदाद हड़पने के लिए पत्नी के साथ मिलकर साजिश रची। हत्या में शामिल तीसरा व्यक्ति समीर को खेत पर ले गया।
वहां भाभी ने समीर को पकड़ा और भाई ने गला घोटकर हत्या कर दी। इस मामले में एक को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि हत्यारोपी पति-पत्नी फरार हैं। चार जून की दोपहर वीरपुर वरियार उर्फ खरग गांव में मिट्ठू के खेत में एक मानव खोपड़ी मिली थी। जहां से चंद कदमों की दूरी पर एक बच्चे के कपड़े पड़े मिले थे। मौके पर पड़ी मिली जींस और टी शर्ट की शिनाख्त गांव के ही अकबर ने अपने बेेटे समीर के कपड़ों के रूप में की।
ग्यारह वर्षीय समीर 26 मई को घर से अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने 29 मई को मूृंढापांडे थाने में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी जिसे पुलिस अपहरण में तरमीम कर चुकी थी। इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी डा. राम सुरेश यादव ने बताया कि समीर का सौतेला भाई नन्हें पुत्र अकबर और उसकी पत्नी महनाज उससे चिढ़ती थी। नन्हें अपने पिता की जमीन जायदाद के बंटवारे के डर से समीर को रास्ते से हटाना चाहता था। बाद सोची समझी साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई।